छत्तीसगढ़

छात्रवृत्ति योजना में ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ हो रहा है भेदभाव- ओबीसी संयोजन समिति

राजभवन में लंबित "आरक्षण संसोधन विधेयक 2022" जल्द हस्ताक्षर करने अपील अन्यथा की स्थिति में संगठन ने बड़ी आंदोलन करने की चेतावनी दी।

धमतरी – शासन द्वारा दी जा रही छात्रवृति योजना मे ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के छात्र छात्राओं के साथ हो रहे भेदभाव के विरोध मे ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के द्वारा जिलाधीश धमतरी को मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपते हुए मांग किया गया कि ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) की छात्रवृति के लिए आय की अधिकतम सीमा 100000/- एक लाख रूपये को बढ़ाकर 250000/- ढाई लाख रुपए कर उन्हे भी एस टी एस सी छात्र छात्राओं के बराबर छात्रवृति देने तथा छत्तीसगढ़ में पोस्ट मैट्रिक के विद्यार्थियों द्वारा पूर्व वित्तीय वर्ष में करीब 2 लाख की आयु सीमा के आधार पर छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया था उन्हें भी विभाग की ओर से जारी ऑनलाइन सेवा द्वारा टेंपरेरी रिजेक्ट मोड पर रखकर आवेदन को खारिज किया जा रहा है जिसे पूर्ववर्ती आय सीमा 2 लाख के आधार पर स्वीकार कर ओबीसी के सभी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाने की मांग किया गया है |
विदित हो कि ओबीसी के विद्यार्थियों को छात्रवृति के लिए आय की अधिकतम सीमा 100000/- रु कर अन्य वर्गों की तुलना में बहुत कम छात्रवृति देने का प्रावधान किया गया है इस प्रकार जानबूझकर ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है जिस कारण ओबीसी वर्ग के लोगों में आक्रोश फैलते जा रही है | ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के साथ हो रहे भेदभाव के विरोध में ओबीसी संयोजन समिति जिला इकाई धमतरी के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों ने मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष चोवा राम साहू, जिला प्रभारी समारोह सिन्हा, ब्लॉक अध्यक्ष सडानंद, जिला संगठन प्रभारी नेकराम, संरक्षक चौथ राम, समिति के सलाहकार राम विशाल, नरेश सिंहा, शंकर देवले, कोषाध्यक्ष नीलेश्वर साहू, मीडिया प्रभारी आशीष कुमार सहित बड़ी संख्या में संगठन के लोग उपस्थित रहे |

Author Desk

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