
जग्गी हत्याकांड : दो सीएसपी, टीआई समेत 28 आरोपियों को आजीवन कारावास
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति की दशा और दिशा बदलने वाली हत्याकांड एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड में आज हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया है। जग्गी हत्याकांड के आरोपियों की अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।
जग्गी हत्याकांड में हाई कोर्ट चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस अरविंद वर्मा डिवीजन बेंच ने सुनवाई की है उन्होंने ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह सजा पाने वालों में दो तत्कालीन सीएसपी एक थाना प्रभारी और शूटर चिमन सिंह समेत 28 आरोपी शामिल हैं. आजीवन कारावास की सजा पाने वालों में दो तत्कालीन सीएसपी और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं.
4 जून 2003 को एनसीपी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से दो बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे. और एक अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा गई थी, जिसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी.
हाईकोर्ट के दोषियों की अपील को खारिज किए जाने के बाद रामवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा था. सभी अभियुक्तों को सजा सुनाई गई. हमारा परिवार शुरू से कहता रहा कि यह राजनतिक षड़यंत्र था.



