छत्तीसगढ़

धमतरी जिलें में रेत माफियाओं का आतंक, रात्रि में दो-दो जेसेबी मशीन से अवैध रेत उत्खनन व परिवहन, जिम्मेदार अधिकारियों का संरक्षण

धमतरी- कोलियारी से लेकर दोनर बारना की सड़क अवैध रेत उत्खनन व परिवहन के चलते भारी वाहन हाईवा और टिप्पर के कारण काफी खराब हो चुका है।
सड़क के साथ ही साथ सड़क के दोनों तरफ पाई में गड्ढे हो चुके है। जिसके चलते लोगों का चलना दुभर हो गया है।
वही सूत्रों की मानें तो अमेठी से लेकर, परसुली, खरेंगा, सारंगपुरी, भरारी, दोनर, बारना इत्यादि रेत खदानों से सफेदपोश नेता और जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में दो-दो जेसीबी मशीन से रात्रि में जीवनदायिनी नदी, महानदी की सीनाचीर रेत माफिया दबंगई से अवैध रेत का उत्खनन व परिवहन कर मालामाल हो रहे है।
वही अंधाधुंध रेत उत्खनन के चलते कोलियारी से लेकर दोनर, बारना सड़क की स्थिति काफी दयनीय हो चुका है।
वही रेत माफिया सड़क मरम्मत के नाम पर मिट्टी और पुराना मकान का मलबा को डाल रहे है। जिसके कारण इस रोड में चलने वालें राहगीरों के आंख में धुल,मिट्टी घुंस रहा है। धूल के कारण क्षेत्रीय लोगों को अनेक स्वास्थ्य संबंधित परेशानी हो रही है।
जहां सड़क मरम्मत के लिए बकायदा गिट्टी का चुरा, मुरूम, रेत,और पानी डालने की बात किया गया था। लेकिन ठेकेदारों के व्दारा सड़क के गड्ढों और पाई के गड्डों में मिट्टी और पुराना मकान का मलबा डाल रहे है।
सूत्रों की मानें तो इस रेत उत्खनन कार्य में प्रदेश के बडे बडे सत्ताधारी नेता शामिल है।
सूत्रों की मानें तो सत्ताधारी बडे नेताओं के दबाव के चलते जिलें के संबंधित अधिकारी कर्मचारी कार्यवाही करने के बजाय उनको संरक्षण देने को मजबूर है।
वही सूत्रों की मानें तो इस अवैध रेत उत्खनन व परिवहन के खिलाफ शांत रहने वालें कुछ तथाकथित जिम्मेदार लोगों को हर माह लाखों रूपये रेत माफिया उनके घरों में पहुंचा के दे रहे है। इस बात में कितनी सच्चाई है ये तो समय आने पर पता चलेगा। बाहरहाल इस क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी सत्ताधारी बडे नेताओं के दबाव के चलते मौन रहने मजबूर है।बात करे कांग्रेस और भाजपा के बडे दिग्गज नेता जो विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की तैयारी में लगे है वे लोग भी शांत बैठे है। जिलें के सत्ताधारी नेता तो इसलिए मौन है की उनके व्दारा आंदोलन करने से कही उनकी विधानसभा की टिकट ना कंट जायें। वहीं विपक्ष के नेता पार्टी के अंदर चल रही भारी गुटबाजी के कारण क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों को उठाने नकाम सिध्द हुए है।
बाहरहाल इन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के मौन रहने से रेत माफिया के हौसले बुलंद है। जहां दबंगई दिखाते हुए कुछ वर्ष पूर्व कुछ जनप्रतिनिधियों को भी अर्धनग्न करके भांडे के गुंडों से मारपीट किये थे। तब से आज तक क्षेत्र के लोगों के मन में रेत माफियाओं का खौफ है जिसके चलते क्षेत्र के जिम्मेदार लोग भी मौन बैठे है। जबकि इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटना से अबतक एक दर्जन से भी अधिक लोगों की जानें जा चुकी है।
अभी वर्तमान रात्रि में 10 बजे के बाद अमेठी, तेंदुकोंन्हा, परसुली, खरेंगा, सारंगपुरी, भरारी, दोनर, बारना इत्यादि खदानों में जेसेबी मशीन से रेत का उत्खनन व परिवहन धडल्ले से जारी है। वही इस संबंध में जानकारी के लिए खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को फोन से संपर्क किया गया लेकिन उनके व्दारा फोन नही उठाया गया।

 अब इस संबंध कलेक्टर और एसडीएम से बात किया जायेगा, की किस नियम और अधिनियम के तहत रात्रि में दो-दो जेसेबी मशीन से रेत उत्खनन व परिवहन की परमीशन दिया गया है।
Author Desk

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