छत्तीसगढ़राजनीति

पीएससी विवाद : राजधानी का कोचिंग सेंटर भी आरोपों के घेरे में

भाजपा प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास ने की नार्को टेस्ट की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में चयन सूची में हुए तथाकथित भ्रष्टाचार के मामले में अब एक और नई कड़ी जुड़ गई है। इस मामले में राजधानी के एक कोचिंग सेंटर की भूमिका भी बताई जा रही है जो पीएससी परीक्षा की तैयारियां करवाता आया है। इस कोचिंग सेंटर के कई बच्चे चयन सूची में स्थान बनाए हैं।

आशंका जताई जा रही है कि राज्य सेवा परीक्षा में चयन सूची में जो भी गड़बड़झाला किया गया, इस कोचिंग सेंटर के संचालक संलिप्त हैं। इसी तरह एक अन्य कोचिंग सेंटर का भी नाम लिया जा रहा है जोकि एक आइएएस अफसर से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हालांकि अभी प्रारंभिक आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन जल्द ही जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने उठाया मुददा

बीजेपी नेता गौरी शंकर श्रीवास ने दावा करते हुए कुछ लोगों का नाम भी जारी किया है। उन्होंने सीजी पीएससी के अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी पर सिंडिकेट बनाकर घोटाला करने का आरोप लगाया है। श्रीवास ने दावा किया है कि जारी किए गए रिजल्ट में सरनेम छुपाकर सीजी पीएससी के अध्यक्ष ने अपने बेटे को डिप्टी कलेक्टर बनाया है। बीजेपी ने लिस्ट से कुछ नाम अलग कर बताया है कि नितेश डिप्टी कलेक्टर, लिस्ट में सोनवानी सरनेम छुपाया गया है। ये सीजी पीएससी के अध्यक्ष के दत्तक पुत्र हैं। साहिल डी एस पी इसका सरनेम छुपाया गया क्योंकि ये सीजी पीएससी के अध्यक्ष का भतीजा है। सुनीता जोशी श्रम पदाधिकारी सीजी पीएससी के अध्यक्ष की भांजी है।

दरअसल 11 मई को पीएससी ने रिजल्ट जारी किया है। इसमें रायपुर की प्रज्ञा नायक ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है, लेकिन पीएससी के रिजल्ट पर बीजेपी ने कांग्रेस के नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों के रिश्तेदारों को चयन करने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद बीजेपी के नेता गौरीशंकर श्रीवास ने रिजल्ट को तत्काल रद्द करने की मांग की है। राजभवन में शिकायत कर इस घोटाले पर जांच करवाने की मांग की गई है।

उत्तर पुस्तिका की जांच और पीएससी अधिकारियों का नार्काे टेस्ट हो: श्रीवास
बीजेपी नेता गौरीशंकर श्रीवास ने मीडिया से कहा कि प्रदेश लाखों अभ्यार्थियों के भविष्य का खिलवाड़ किया जा रहा है। हमारी मांग है कि उत्तर पुस्तिका का जांच हो और पीएससी के अधिकारियों का नार्काे टेस्ट किया जाए। तत्काल परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाई जाए। इस मामले में अब हम हाईकोर्ट भी जाएंगे।

Author Desk

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