
रायपुर। 2000 रुपए के नोट को बंद करने के निर्णय को तुगलकी फरमान करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नोटबंदी के दौरान ही कांग्रेस ने कहा था कि 2000 रुपए का नोट छापना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। भ्रष्टाचारियों को मदद करना है। 2000 रुपए के नोट छापने और अभी बंद करने का निर्णय दोनों तुगलकी फरमान है जिसका खामियाजा आम जनता को ही भोगना पड़ेगा। बिना सोचे समझे बिना तैयारी के, की गई नोटबंदी से भ्रष्टाचारियों की कमर नहीं टूटी बल्कि देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार का 2000 रुपए के नोट बदलने से भ्रष्टाचार खत्म होने का दावा खोखला और दिखावटी है। मोदी वन के बाद मोदी टू देश के लिए घातक साबित हो रही है। मोदी वन में की गई नोटबंदी का असर अब तक बरकरार है। अब मोदी टू में 2000 रुपए का नोटबंद करने का निर्णय भी आम जनता को सड़कों में भटकने बैंकों में लाइन लगने और नकदी संकट से जुझाने के लिए लिया गया फैसला साबित होगा है। नोटबंदी के दौरान गुजरात के एक सहकारी बैंक में 35 प्रतिशत कमीशन लेकर नोटों की अदला-बदली का खेल चला है। अभी 2000 रुपए रखने वाले भ्रष्टाचारियों के पैसे को भाजपा के नेता मोटी कमीशन लेकर अदला-बदली करेंगे और आम जनता गरीब, मजदूर दिहाड़ी ठेला, खोमचा वाले नगदी के लिए तरसेंगे।



