
स्वर्गीय महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा ने झीरम हत्याकांड में बचे मंत्री कवासी लखमा के नार्को टेस्ट की मांग की है। इस पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया है। नक्सली हमले में कवासी लखमा को छोड़े जाने पर छबिंद्र ने संदेह जताया है। छविंद्र कर्मा ने कहा कि मंत्री कवासी लखमा का नार्को टेस्ट होना चाहिए ताकि उस घटना की सच्चाई सबके सामने आ सके। छविंद्र कर्मा की मांग और पत्रकारों के पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आखिर छविंद्र कर्मा किससे न्याय की मांग कर रहे हैं? उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भारत सरकार हमें यह जांच सौंप देती है तो कवासी लखमा के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और आईजी मुकेश गुप्ता का भी नार्को टेस्ट किया जाएगा। ताकि घटना को लेकर सच्चाई सबके सामने आ सके।
मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि मेरे पास पूरी जानकारी है। झीरम हमले के षड्यंत्रकारियों के नाम भी है, लेकिन सवाल ये है कि मैं इसे दूंगा किसे. क्योंकि एनआईए ने अब तक झीरम घाटी हमले में नक्सलियों से बचके आये कांग्रेसियों से इन 10 सालो में अब तक बयान नही ले पाई है। 2014 अगस्त माह तक अपने चार्जशीट में दो नक्सली लीडरों गणपति और रमन्ना के नाम शामिल करने के बाद सितंबर माह में साजिश के तहत चार्जशीट से दोनों नक्सली लीडरो का नाम NIA के द्वारा हटा दिया जाता है।
मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि झीरम घाटी घटना बीजेपी की साजिश के तहत की गई एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसका नुकसान कांग्रेसियों को उठाना पड़ा है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से पहले से ही इस घटना को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर आरोप लगाते आ रही है।



