पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत बेहद दयनीय, 10 साल की हिंदू बच्ची का अपहरण, कराया गया धर्मांतरण

पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत बेहद दयनीय, 10 साल की हिंदू बच्ची का अपहरण, कराया गया धर्मांतरण
नई दिल्ली। पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत बेहद दयनीय है। कट्टरपंथी खुलेआम हिंदू बच्चियों को अगवा करते हैं और उनका जबरन धर्मांतरण कर उनसे निकाह कर लेते हैं। पुलिस भी ऐसे तमाम मामलों में सिर्फ तमाशबीन की भूमिका में ही नजर आती है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 10 वर्षीय एक हिंदू लडक़ी को अगवा करके जबरन उसकी शादी एक मुस्लिम व्यक्ति से कराने का मामला सामने आया है। हालांकि, अधिकारियों ने लडक़ी को बचा लिया है।
तैयार किए जाते हैं फर्जी दस्तावेज
सिंध प्रांत के ग्रामीण क्षेत्रों में हिंदू समुदाय के लिए नाबालिग और किशोर हिंदू लड़कियों का अपहरण, जबरन धर्मांतरण और निकाह एक बड़ी समस्या बनी हुई है। पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद (अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए गठित एक गैर सरकारी संगठन) के अध्यक्ष शिवा काछी के अनुसार एक अन्य मामले में संघर में एक 15 वर्षीय हिंदू लडक़ी की 50 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति से जबरन शादी करा दी गई, जिसे अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है। शिवा ने बुधवार को बताया कि कुछ भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते हैं और जब पीडि़त के माता-पिता/वकील मामला अदालत में ले जाते हैं तो दस्तावेजों को अदालत में पेश कर दिया जाता है।
10 साल की बच्ची के साथ क्या हुआ
शिवा काछी ने मीडिया को बताया कि 10 वर्षीय लडक़ी को पिछले सप्ताह मीरपुरखास के कोट गुलाम मुहम्मद गांव में उसके घर के बाहर से अगवा कर लिया गया था और उसे सरहंदी एयर समारो मदरसा ले जाया गया। उन्होंने कहा कि लडक़ी को इस्लाम स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया और फिर उसकी शादी शाहिद तालपुर से कर दी गई, लेकिन जब इस मुद्दे को क्षेत्र के अधिकारियों के समक्ष उठाया गया तो एसएसपी पुलिस अनवर अली तालपुर ने हस्तक्षेप किया और लडक़ी को बरामद कर उसके घर वापस भेज दिया गया।