अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत, संदिग्ध हालत में मिला शव

अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत, संदिग्ध हालत में मिला शव
लोरमी। अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत का मामला सामने आया है। यहां संदिग्ध हालत में बाघिन का शव मिला है, जिसकी उम्र करीब 4 साल बताई जा रही है। वहीं वन विभाग के अफसरों ने बाघिन की मौत की वजह आपसी संघर्ष बताया है।
जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र लमनी के ग्राम चिरहट्टा बिरारपानी के बीच बेंदरा खोंदरा के तरफ ग्रामीण पैदल जा रहे थे। इसी दौरान झाड़ के पास बाघिन को मृत देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारणों का पता चल सकेगा। वहीं वन विभाग के गश्ती दल पर भी सवाल उठना शुरू हो चुका है। क्योंकि अगर वन विभाग के कर्मचारी अपने वन क्षेत्र में नियमित दौरा कर रहे हैं, तो उन्हें बाघिन की लाश की सडऩे की स्थिति तक सूचना कैसे नहीं मिली।
एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर यू आर गणेश ने मीडिया को बताया कि आपसी संघर्ष में बाघिन का डेथ हुआ है, डॉक्टरों की टीम ने अपना निष्कर्ष दिया है कि आपसी संघर्ष में बाघिन की मौत हुआ है, जिसका वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया है। स्थानीय पेट्रोलिंग गार्ड रेशम बैगा ने 23 तारीख को सुबह घटना की सूचना दी। जिसके बाद अधिकारियों को सूचना देने सहित घटना की पुष्टि के बाद 24 तारीख को डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
वहीं उन्होंने मीडिया को बताया कि शुक्रवार 24 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के एसओपी अंतर्गत वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चन्दन और मुंगेली जिला के शासकीय पशु चिकित्सकों ने एनटीसीए के प्रतिनिधि, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर छ.ग. के प्रतिनिधि के समक्ष पोस्टमार्टम कराया गया और नियमानुसार कार्यवाही की गई।
इस बीच पोस्टमार्टम के दौरान गर्दन पे दांत का निशान, श्वासनली के फटने, फेफड़े की श्रृंकिंग, पूरे शरीर में खरोच का निशान पाया गया. पेनल से प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर पाया गया कि उक्त बाघिन की मृत्यु दो बाघों के आपसी संघर्ष के कारण हुआ है.