कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने को दीपक बैज ने बताया षड़यंत्र, कहा हम हाई कोर्ट जायेंगे

कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने को दीपक बैज ने बताया षड़यंत्र, कहा हम हाई कोर्ट जायेंगे
रायपुर। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त होने को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर दोहरी नीति के तहत काम करने का आरोप लगाया है। दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि धमतरी में मुख्यमंत्री के करीबी को लाभ पहुँचाने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस के मेयर कैंडिडेट का नामांकन रद्द कराया है। यह षड्यंत्रपूर्वक किया गया है, जो पूरे प्रदेश में उजागर हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं डरा-धमका कर नामांकन वापस करा रहे हैं, तो कहीं नामांकन निरस्त कर रहे हैं।
बैज ने कहा कि सूरजपुर में सरकार यादव को ओबीसी नहीं मान रही, लेकिन बिलासपुर में विधानी को ओबीसी मान रही है। 15 साल बीजेपी की सरकार में मलकीत गैदू को भी सरकार ने ओबीसी मानने से इनकार कर दिया था। ये है सरकार की दोहरी नीति। कई जगह वार्डों में भी यही स्थिति है। सरकार चुनाव से डरी हुई है, इसलिए हर हथकंडे अपना रही है। लेकिन हम डरे नहीं है। हर परिस्थिति में हम कार्यकर्ताओं के साथ खड़े है।
दीपक बैज ने कहा कि हम हाई कोर्ट जाएँगे, और लड़ाई लड़ेंगे। सीनियर नेताओं से हमारी बात हुई है। हमने अपनी रणनीति सेफ रखी है। बीजेपी ने बहुत गंदी राजनीति की है। सरकार की नियत में खोट थी, इसलिए पहले से यह सब तय करके रखा था। हम इसके ख़िलाफ़ न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
वहीं बेमेतरा जिलाध्यक्ष बंसी पटेल के बाद मोहला-मानपुर में जिलाध्यक्ष के पार्टी छोड़ने पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कुछ कमजोर ज़िलाध्यक्षों को बदलने की चर्चा थी। पार्टी के टिकट नहीं देने के चलते उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया है। कोई पद छोड़ना चाहता है, तो उससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। पार्टी के पास उसके मजबूत विकल्प हैं। जहां इस्तीफ़ा दिया गया है, वहां कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए हैं। चुनाव के लिए पार्टी पूरी मज़बूत के साथ तैयार है।



