छत्तीसगढ़

जब गौमाता आई पूजन को

स्थान – श्री हनुमान मंदिर, मकई चौक

मकई चौक में मंदिर सुहाना,
जहाँ बसते हैं बजरंगबली महान।
लाल चोला, आँखे विशाल,
श्रीराम जी के सबसे वफादार लाल।

हर दिन भक्त करें आरती, जाप,
पर उस दिन हुआ कुछ अनुपम आप।
गौमाता आई धीरे-धीरे,
न कोई बाँध, न पूजा की सीरे।

ना फूल लिए, ना कोई थाली,
बस श्रद्धा की अग्नि थी मतवाली।
सीधे प्रभु के चरणों में झुकी,
मौन रहकर भक्ति में रुकी।

ना शब्द बोले, ना शंख बजे,
पर दिल के भाव प्रभु तक सजे।
हनुमान ने देखा, मन मुस्काया,
गौमाता का प्रेम खुद को भाया।

जहाँ जीव भी ईश्वर से जुड़ जाए,
वो स्थान तो स्वर्ग को भी लजाए।
मकई चौक का वो दृश्य महान,
भक्ति का ऐसा मिला प्रमाण।

संकेत गुप्ता, धमतरी

Author Desk

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