छत्तीसगढ़

मुमुक्षु बहन गुन कवाड जन्मभूमि को नमन कर निकल पड़ी त्याग, तपस्या एवं संयम के मार्ग पर


संदेश- हमें सबको जोड़ना है न ही छोड़ना या तोडना-: सुश्री गुन कवाड


विदाई के अवसर पर पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, पार्षदद्वय पिन्टू यादव, कुलेश सोनी द्वारा अभिनंदन करते हुए लिए आशिर्वाद

धमतरी(प्रखर) धर्म की तपोभूमि के धार्मिक इतिहास में 9 अगस्त को एक और पवित्र अध्याय जुड़ जाएगा जब नगर की बेटी गुन कवाड सुपुत्री ऋषि रिंकू देवी कवाड सांसारिक दुनिया को त्याग कर संयम के मार्ग का अनुसरण कर लेगी इससे पूर्व शहर से विदा लेते हुए अपनी जन्मभूमि को नमन करते हुए मुमुक्षु बहन गुन कवाड सभी को यह संदेश देते हुए  कहा गई की समाज में व्यक्ति एक दूसरे को जोड़ने का धर्म निभाय न कि तोड़ने का और ना ही छोड़ने का तभी समाज का कल्याण संभव है और इसके लिए हमारे हिंदू धर्म में जो सनातन त्याग, तपस्या और समर्पण की परंपरा है वही सर्वाधिक  सार्थक रास्ता है जिसकी व्याख्या श्रीमद्भागवत गीता भी करती है। गौरतलब है कि उक्त मुमुऊ बहन का दीक्षा राजस्थान के देशनोक में राममहोत्सव के अंतर्गत गुरुवर श्रद्धेय प्रवर श्री 1008श्री रामलाल जी म.सा.के मुखारविंद से बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा एवं आदि ठाणा चतुर्विध संघ की पावन निश्रा में शुभ मुहूर्त पर होने जा रहा है।
   विदाई के इस अवसर पर नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा तथा पार्षदद्वय पिन्टू यादव, कुलेश सोनी नाम मुमुक्षु बहन का अभिनंदन करते हुए आशीर्वाद लिया तथा इस अवसर पर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि धर्मक्षेत्र के स्वर्णिम कड़ी के रूप में शहर की बेटी का दीक्षा लेना एक गौरवशाली आध्यात्मिक अनुभूति के साथ भौतिकवादी सांसारिक युग में धर्म, संस्कृति तथा अध्यात्म का नूतन अध्याय है।

Author Desk

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