सीजीपीएससी घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने टामन सोनवानी के बेटे साहिल, भतीजे नितेश, बजरंग स्पात के डायरेक्टर के पुत्र सहित भूमिका कटियार को दी जमानत

सीजीपीएससी घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने टामन सोनवानी के बेटे साहिल, भतीजे नितेश, बजरंग स्पात के डायरेक्टर के पुत्र सहित भूमिका कटियार को दी जमानत
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने सीजीपीएससी घोटाला मामले में नितेश सोनवानी, साहिल सोनवानी, शशांक गोयल और उसकी पत्नी भूमिका कटियार को जमानत दे दी है। सीबीआई ने इस मामले में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, बजरंग पावर इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार, तत्कालीन उप नियंत्रक परीक्षा (सीजीपीएससी) ललित गणवीर, निशा कोसले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, सिद्धार्थ अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की है।
बताया जा रहा है कि सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं। आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, आरती वासनिक, ललित गणवीर आदि पर आरोप है कि इन्होने अपने पदों का दुरुपयोग कर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कराकर अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को पीएससी की परीक्षा पास करवाई। चयनित उम्मीदवार डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे उच्च पद पर पदस्थ किए गए थे।
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को फरवरी 2024 में सौंपी थी। सीबीआई ने 2020-2022 परीक्षा के दौरान सीजीपीएससी के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य सीनियर सरकारी पदों के लिए चयन में पक्षपात के आरोप में छत्तीसगढ़ में दर्ज दो मामलों की जांच अपने हाथ में लिया था। सीबीआई के अनुसार, पूर्व अध्यक्ष सोनवानी ने अपने भतीजों का चयन सुनिश्चित करने के लिए ‘रिश्तेदार’ शब्द को ‘परिवार’ से बदलकर नियमों में हेरफेर किया था।
सीजीपीएससी घोटाला :
सीजीपीएससी घोटाला भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ मामला है। आरोप है कि इस दौरान आयोग ने नियमों को ताक पर रखकर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख रखने वाले परिवार के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया। डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार करते हुए पक्षपात पूर्ण चयन किया गया। जिससे भर्ती प्रक्रिया में हेराफेरी करते हुए सीजीपीएससी घोटाले को अंजाम दिया गया। सीजीपीएससी परीक्षा साल 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। 13 फरवरी 2022 को प्री एग्जाम आयोजित किया गया था। जिसमें 2565 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद 26 से 29 मई 2022 तक मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। जिसमें 509 उम्मीदवार पास हुए इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी। आरोप है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में हेराफेरी करके आयोग ने अपने नजदीकी लोगों को लाभ पहुंचाया। छत्तीसगढ़ में हुए सीजीपीएससी घोटाला मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो न्यायिक रिमांड पर जेल में है।



