पुराना कचरा साफ कर मन को कोरा कागज बनाने का अवसर है चातुर्मास : साध्वी शुभंकरा श्रीजी

रायपुर। एमजी रोड स्थित जैन दादाबाड़ी प्रांगण में आज मनोहरमय चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला का आगाज हुआ। इस क्रम में नवकार जपेश्वरी साध्वी शुभंकरा श्रीजी ने कहा कि आज रायपुर में एक नया शॉपिंग मॉल खुल गया है। यह कोई साज-सज्जा, खाने-पीने और कपड़ों का शॉपिंग मॉल नहीं बल्कि जप-तप और साधना-आराधना का माल खरीद सकते हैं। यह शॉपिंग मॉल आपके शहर में अभी 5 महीनों तक रहेगा और यह आप पर निर्भर करता है कि केवल 5 महीने में इसे बंद कर दीजिए या 25 महीनों तक इसका लाभ उठाए। आज आप डॉक्टर सीए इंजीनियर वकील और कलेक्टर बनने के लिए आराधना कर रहे हैं पर अध्यात्म के स्कूल में आपने अभी तक नर्सरी का एग्जाम भी पास नहीं किया है।
साध्वीजी ने कहा कि आज आज नदी आपके पास खुद चलकर आई है तो अब आपको प्यासा नहीं रहना है। आप कहते हैं कि आपके पास समय नहीं है, धर्म करने का तो यह 100 प्रतिशत बहानेबाजी ही है। जब आप डॉक्टर, सीए बनने के लिए दिन में घंटों पढ़ाई कर सकते हैं, तो धर्म के लिए आप अगर एक घंटा नहीं दे सकते तो इसे बहानेबाजी ही कहा जाएगा। पहले की बात कुछ और थी जब महिलाओं को चूल्हा जलाने, सब्जी काटने-पीसने के लिए समय लगता था लेकिन अब वह भी आसान हो गया है। आपके पास आज कुकर है, मिक्सी है, गैस है, वाशिंग मशीन है जिससे कि आप घंटों का काम चंद मिनटों में कर सकते हैं। फिर भी धर्म आपकी प्राथमिकता है तो आप घंटों काम करने के बाद भी एक घंटा धर्म कर ही सकते हैं। यह तो पहले की बात है, अब तो लोग उठकर परमात्मा के दर्शन करने के बजाए मोबाइल के दर्शन करते हैं। जैसे सुबह उठते हैं मोबाइल देखना शुरू कर देते हैं और उनको देखकर बच्चे भी आज मोबाइल की चपेट में हैं। आज समय का दुरुपयोग करने का सबसे बड़ा साधन मोबाईल है।
अपशब्दों को दिमाग से निकालें, मन पवित्र बनाएं
साध्वीजी ने कहा कि आपको आज से 25 साल पहले भी किसी ने अपशब्द कहा हो तो आप उन शब्दों को अपने दिलों दिमाग में बसाए रखते हो। जबकि यह व्यर्थ की चीजें हैं जो काम की बातें हैं वह आप ऐसे बहा देते हो जैसे भरी बाल्टी में फिर से पानी भर रहे हो। और जो पानी व्यर्थ बह कर कर जा रहा है वह समेटने के लायक है, और जो पहले से भरा है वह व्यर्थ है। अब आपको चातुर्मास के दौरान मन में भरा हुआ कचरा निकालना है और मन को कोरा कागज बनाना है जिसमें एक बूंद भी अगर गुरु की वाणी गिर जाए तो आप का कल्याण हो जाएगा। चातुर्मास में चिंतन कर अपने विकारों को पहचान कर उन्हें दूर करना है और खुद को बदलना है। चातुर्मास में आपको सब कुछ फ्री में मिल रहा है, बस आपको उसे लूटना है।

रायपुर से पालीताणा तक विहार सेवा करने वाले विनोद झाबक का हुआ बहुमान
प.पु. शुभंकरा श्रीजी म.सा. से आर्शीवाद प्राप्त कर श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट रायपुर, मनोहरमय चातुर्मास समिति और विहार सेवा ग्रुप द्वारा रायपुर से पालीताणा तक उत्कृष्ट विहार सेवा देने के लिये विनोद झाबक का मोमेंटो और शॉल-श्रीफल भेंट कर बहुमान किया गया।
मनोहरमय चातुर्मास समिति के अध्यक्ष सुशील कोचर और महासचिव नवीन भंसाली ने बताया कि आज पहले दिन का तेला उमेश लोढ़ा का रहा और आयंबिल सृष्टि कोचर ने किया।