छत्तीसगढ़

संयुक्त मोर्चा की बैठक 05 जुलाई को

धमतरी – प्रदेश कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के संचालक ,और प्रांतीय संयोजक ,शासकीय कर्मचारी अधिकारी महासंघ, अनिल शुक्ला के निर्देशानुसार प्रत्येक जिलों में 05जुलाई से पूर्व फेडरेशन और महासंघ के अध्यक्षों और पदाधिकारियों का बैठक लेकर प्रत्येक जिले और तहसील में संयुक्त मोर्चा ,का गठन किया जाना है ,जिसमें शासन केसमक्ष 05 सूत्रीय मांगों की पूर्ण कराने, प्रदेश और जिले के 2 बड़े कर्मचारी महासंगठनों के दिग्गजों द्वारा अपने प्रांतीय संयोजकों से प्राप्त निर्देश अनुसार धमतरी जिले में भी कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा संयुक्त मोर्चा गठन करेंगे।
महासंघ के जिला संयोजक दीपक शर्मा ने बताया कि शासकीय कर्मचारी अधिकारी महासंघ ,धमतरी जिला से संम्बद्ध और जुड़े हुए समस्त कार्यरत कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष/ तहसील अध्यक्ष, और पदाधिकारियों को , तथा जिले में कार्यरत शैक्षिक संगठनों को भी 5 जुलाई को संयुक्त मोर्चा की बैठक में उपस्थित होने की सूचना दी गई है।
फेडरेशन के जिला संयोजक मुकेश पांडे और महासंघ के जिला संयोजक दीपक शर्मा के मध्य 1 जुलाई को हुई चर्चा अनुसार आगामी 07 जुलाई को सामूहिक अवकाश के संबंध में रूपरेखा तय करने तथा संयुक्त मोर्चा की बैठक आहूत कर और संयुक्त मोर्चा के गठन करने के संबंध में चर्चा की गई। तथा लिए गए निर्णय अनुसार फेडरेशन और महासंघ की बैठक 05 जुलाई शाम को 5:00 बजे बीआरसी भवन में संयुक्त मोर्चा की बैठक और गठन की तिथि तय की गई है ।
कर्मचारी अधिकारी महासंघ के जिला संयोजक दीपक शर्मा ने पूरे प्रदेश और जिले में होने वाले आंदोलन के बारे में बताया कि-
7 जुलाई को पूरे जिले के समस्त कर्मचारी अधिकारी गण जिसमें चतुर्थ वर्ग से लेकर प्रथम श्रेणी तक समस्त संवर्गो के कर्मचारी अधिकारी शामिल है, एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर शासन के काम बंद करेंगे।
महासंघ के जिला संयोजक दीपक शर्मा ने आंदोलन के संबंध में आगे बताया कि यदि राज्य शासन 07 , जुलाई के कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश लेने और प्रदेश के शासकीय कार्य बंद करने बाद भी बाद भी
30 जुलाई तक कर्मचारी अधिकारियों की 5 सूत्रीय मांगों को पूर्ण नहीं करते हैं ,तो 01 अगस्त से प्रदेश कर्मचारी जगत के सभी संवर्गो के अधिकारी कर्मचारीगण अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी । इस संबंध में संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संचालक गणों द्वारा मुख्य सचिव को हड़ताल की नोटिस 15 दिवस पूर्व जारी कर दिया गया है।
5 सूत्री प्रमुख मांगों में जिनके कारण प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी आंदोलनरत हैं उनमें राज्य शासन के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी देय तिथि से केंद्रीय कर्मचारियों के जैसे महंगाई भत्ता प्रदान करने, अर्थात 9% लंबित भत्ता प्रदान करने, 2016 से केंद्र के समान एचआरए प्रदान करने , कांग्रेस की जन घोषणा पत्र के अनुरूप चारस्तरीय वेतनमान 8,16 ,24 और 30 वर्ष में देने संबंधी आदेश तत्काल जारी करने,, वेतन विसंगति दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पुराने पेंशन का लाभ देने हेतु हारता दाई सेवा अहर्तादायी सेवा 33 वर्ष की जगह 25 वर्ष करने, प्रमुख है, जिसमें, जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
07 जुलाई को जिले स्थित सभी कार्यालय में जाकर कर्मचारियों अधिकारियों को सामूहिक अवकाश फार्म भरवाने और 01 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन की रूपरेखा तय करने, हेतु संयुक्त बैठक रखी गई है। अतः कर्मचारी अधिकारी महासंघ से सम्बद्ध और जुड़े हुए समस्त जिला अध्यक्ष अपने प्रमुख अधिकार पदाधिकारी सहित अनिवार्य उपस्थिति देंगेताकि आगामी 7 जुलाई को पूरे जिले में सामूहिक अवकाश लेकर ,कामबंदकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन को सफल बनाया जा सके।
साथ ही कर्मचारी अधिकारी महासंघ केजिला संयोजक दीपक शर्माऔर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के मुकेश पांडे ने जिले में कार्यरत सभी कर्मचारी अधिकारियों से 7 जुलाई को सामूहिक अवकाश लेनेऔर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते समय अधिक से अधिक संख्या में कर्मचारी अधिकारियों की उपस्थित रहने की अपील की है।

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