छत्तीसगढ़

धमतरी में अवैध धान व्यापार पर कड़ी कार्यवाही,  चार प्रकरणों में जप्ती

कुल जप्त धान 511 कट्टा  यानी 204.40 क्विंटल



धमतरी(प्रखर) जिले में अवैध धान भंडारण एवं व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सतत कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज उड़नदस्ता दल एवं संयुक्त विभागीय टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से संग्रहित धान को मंडी अधिनियम 1972 के तहत जप्त किया गया।
  पहले प्रकरण में मोहन साहू, निवासी बोडरा (मगरलोड) के विरुद्ध 50 कट्टा धान, कुल मात्रा 20.00 क्विंटल पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही की गई। वहीं, उड़नदस्ता दल नगरी मंडी द्वारा फर्म लोकेश ट्रेडर्स, बेलरगांव में जांच के दौरान 114 कट्टा अवैध धान (45.60 क्विंटल) पाया गया, जिसे मंडी अधिनियम के तहत जप्त कर फर्म संचालक लोकेश कुमार देवांगन की सुपुर्दगी में रखा गया।
  इसी दिन फर्म महेन्द्र कुमार साहू, भू-रशी डोंगरी में भी जांच की गई, जहां 82 कट्टा अवैध धान (32.80 क्विंटल) पाए जाने पर जप्ती की कार्यवाही कर संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया।
  इसके अतिरिक्त राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सावित्री धान कुटाई उद्योग, अर्जुनी का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में स्टॉक मात्रा में अंतर पाए जाने पर 265 कट्टा धान मंडी अधिनियम के तहत जप्त किया गया।
  प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने हेतु ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।
कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने अवैध धान भंडारण एवं व्यापार पर की गई कार्यवाही के संदर्भ में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता एवं किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैधानिक कृत्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  कलेक्टर ने राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग को आपसी समन्वय के साथ नियमित निरीक्षण एवं आकस्मिक जांच जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उड़नदस्ता दल को सक्रिय रहकर संदिग्ध भंडारण स्थलों, राइस मिलों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सतत निगरानी करने को कहा।
  श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मंडी अधिनियम 1972 के उल्लंघन की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जप्त किए गए धान की सुरक्षित अभिरक्षा एवं दस्तावेजी प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ की जाए।
   कलेक्टर ने आमजन एवं किसानों से अपील की कि वे अवैध धान खरीदी अथवा भंडारण की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई कर शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाया जा सके।

Author Desk

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