निर्माण एजेंसी, ठेकेदार जांच के घेरे में, चेयरमैन अरूण वोरा पर भी उठी उंगलियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तथा विधायक अरूण वोरा के नेतृत्व में सरगुजा जिले के बतौली में 10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया वेयरहाउस गोदाम पहली ही बारिश में फूट गया. नतीजन वहां पर रखा सैकड़ों टन चावल पानी भर जाने के कारण सड़ गया है.
आश्चर्य कि वेयरहाउस गोदाम का उदघाटन चंद महीने पहले ही खादय मंत्री अमरजीत भगत ने किया था लेकिन उसमें हुए भ्रष्टाचार की पोल अब पहली बारिश में खुल गई. इस वेयरहाउस गोदाम में 20000 मीट्रिक टन धान रखने की क्षमता है, लेकिन इस गोदाम की पोल पहली बरसात ने खोल दी है।
गोदाम में रखा सैकड़ों टन चावल गीला हो गया। गोदाम में गीले हो चुके चावल के लिए बोरे से निकालकर फर्श पर सुखाने की कोशिश गोदाम प्रभारी द्वारा की जा रही है। आपको बता दे इस गोदाम का उद्घाटन प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने अपने जन्मदिन के दिन 22 जून को किया था, लेकिन पहली बरसात में ही 10 करोड़ की लागत से बने गोदाम की पोल खोल खुल गई।
इस मामले में जब विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने साफ तौर पर इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। बता दें कि गोदाम के किनारे मिट्टी कटाव होने से फर्ज भी धंसने लगा है, जिससे अंदर रखा जाने वाला अनाज खराब होने का अंदेशा है।
इधर छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तथा विधायक अरूण वोरा से फोन पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रत्युत्तर नही मिल सका है. सालों बाद सरगुजा जिले के बतौली में 10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया वेयरहाउस गोदाम किसानों के लिए राहतभरा विकास कार्य था जिससे वे अपना धान गोदाम में रखे थे लेकिन जिस तरह इसे बनाने में भ्रष्टाचार हुआ, उससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है.
निर्माण एजेंसी, ठेकेदार जांच के घेरे में
बताया जाता है कि एक हजार मीट्रिक टन धान गोदाम में रखा हुआ है लेकिन वह पानी गिरने से खराब हो गया है और सड़ने की कगार पर है. दूसरी ओर इस गोदाम का निर्माण किस एजेंसी, ठेकेदार द्वारा किया गया था तथा इसे एनओसी किस सरकारी अफसर ने दी, यह सब जांच का विषय है. हालांकि घटना के चार दिन होने के बाद भी कोई सख्त एक्शन नही उठाया गया है.