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13 वर्षों में छठवीं बार उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार, सीएम फडणवीस बोले मेरा दमदार दिलदार मित्र चला गया

13 वर्षों में छठवीं बार उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार, सीएम फडणवीस बोले मेरा दमदार दिलदार मित्र चला गया

मुंबई। महाराष्ट्र के कद्दावर नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है। महाराष्ट्र की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल अजित पवार लंबे समय से राज्य की सियासत में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। दूर्भाग्यपूर्ण रूप से आज सुबह बारामती में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे का शिकार हो गया। 66 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। अजित पवार को पिछले 13 वर्षों में छठवीं बार उप मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। वह महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक गैर-लगातार उप मुख्यमंत्री रहने वाले नेता भी रहे।

ऐसे हुआ हादसा

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार अजित पवार मुंबई से एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए बारामती के लिए रवाना हुए थे। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, 16 साल पुराने इस बिजनेस जेट ने मुंबई एयरपोर्ट से सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब विमान बारामती के हवाई क्षेत्र में पहुँचा, तो मौसम और विजिबिलिटी ने बाधा डालना शुरू कर दिया। ग्राउंड रिपोर्ट्स और एविएशन सूत्रों के मुताबिक, विमान ने पहली बार रनवे पर उतरने की कोशिश की, लेकिन वह पहला अप्रोच सफल नहीं रहा। सुरक्षित लैंडिंग न हो पाने की स्थिति में पायलट ने गो-अराउंड (विमान को दोबारा हवा में ले जाना) का फैसला किया। चुनौती तब बढ़ी जब पायलट ने दूसरे अप्रोच के लिए विमान को मोड़ा। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विमान रनवे के करीब पहुंचते ही अनियंत्रित हो गया और तेज धमाके के साथ पास के खेतों में जा गिरा। गिरते ही विमान आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे बचाव कार्य का मौका तक नहीं मिला।

कौन हैं अजित पवार?
अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ। वह एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं। उनके पिता वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के राजनीतिक नक्शेकदम पर चलते हुए राजनीति में प्रवेश किया। जनता और समर्थकों के बीच वह ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देओली प्रवर से की और माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड से पूरी की। उनकी शिक्षा माध्यमिक स्तर तक ही रही।

हवाई हादसे से दुखी हूं- पीएम मोदी
अजित पवार के निधन पर पीएम मोदी ने कहा- महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुखद हवाई हादसे से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया। गहन दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के लिए शक्ति और साहस की प्रार्थना करता हूं।

मेरा दमदार, दिलदार मित्र चला गया : सीएम फडणवीस

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा मेरा दमदार और दिलदार मित्र चला गया। अजित पवार का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। ये महाराष्ट्र के लिए मुश्किल दिन है। अजित के जाने से पवार परिवार पर बड़ा आघात लगा है। मैंने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घटना की जानकारी दी है। अजित पवार का महाराष्ट्र के विकास में अहम योगदान रहा है। वह संघर्ष करने वाले नेता थे। अजित के निधन की वजह से महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

यह महाराष्ट्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन- एकनाथ शिंदे
अपने सहयोगी अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कहना है, “यह महाराष्ट्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन है। यह सु और पूरे महाराष्ट्र के लिए एक दर्दनाक घटना है। अजित दादा अपने शब्दों के पक्के थे। जब मैं सीएम था और वह उपमुख्यमंत्री थे, तब हमने एक टीम के रूप में काम किया था। टीम के रूप में हमने लाडली बहन योजना शुरू की थी और अजीत दादा ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”

महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति : सीएम विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत अन्य लोगों के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दु:खद एवं हृदयविदारक है। अजित पवार का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों एवं समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस असीम दु:ख को सहन करने की अद्भुत शक्ति प्रदान करें. ? शान्ति।

अजित पवार के आकस्मिक निधन ने सभी को झकझोर दिया : उपमुख्यमंत्री साव

महाराष्ट्र के कद्दावर नेता, एक कर्मठ और मेहनती राजनेता, जो अनेकों पर सांसद और विधायक के पद पर रहे, वर्तमान में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे। ऐसे अजित पवार के आकस्मिक निधन की खबर ने हम सभी को झकझोर दिया है। अजित पवार का निधन न केवल महराष्ट्र बल्कि देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। यह घटना अति हृदयविरदारक और दुखद है. परमपिता परमेश्वर से प्राथना है कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें। उनके परिजनों और समर्थकों को असीम दु:ख को सहने की ताकत दे।

चश्मदीद के अनुसार पहले विमान में लगी आग, फिर एक के बाद एक धमाके

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे ने बुधवार सुबह पूरे राज्य को झकझोर दिया। पुणे जिले के बारामती के पास उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, विमान हवा में अस्थिर दिख रहा था और जमीन से टकराते ही उसमें आग लग गई, जिसके बाद कई धमाके हुए। इस हादसे ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर फैला दी है। चश्मदीद महिला के मुताबिक, सुबह विमान बारामती हवाई पट्टी के ऊपर चक्कर लगाता दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा और जोरदार तरीके से जमीन से टकराया। टक्कर होते ही तेज आवाज के साथ विस्फोट हुआ, जिसकी आवाज आसपास के इलाकों तक सुनाई दी। हादसे के बाद विमान के टुकड़े हवा में उछलकर पास के घरों के आसपास गिरे, जिससे स्थानीय लोग दहशत में आ गए।

भारत ने कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं को विमान दुर्घटनाओं में खोया है

संजय गांधी: कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की मौत 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास प्लेन क्रैश में हुई थी। वे स्वयं विमान उड़ा रहे थे और एरोबैटिक्स करते समय नियंत्रण खो बैठे। मात्र 33 वर्ष की आयु में उनकी मौत से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। संजय गांधी को इंदिरा गांधी का उत्तराधिकारी माना जा रहा था, और युवा कांग्रेस को मजबूत करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण था। उनकी मौत के बाद उनके बड़े भाई राजीव गांधी राजनीति में आए।

माधवराव सिंधिया: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया की मौत 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक निजी सेसना विमान के क्रैश में हुई। वे कानपुर में एक राजनीतिक रैली के लिए जा रहे थे, जब विमान ने संपर्क खो दिया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके सिंधिया लोकसभा में कई बार चुने गए थे और कभी चुनाव नहीं हारे थे। उनकी मौत ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था। सिंधिया के बाद उनके बेटे ज्योतिरादित्य ने सियासत में अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाया।

जीएमसी बालयोगी: लोकसभा के स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। वे आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के भीमावरम से लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले के कैकालूर के पास एक तालाब में जा गिरा और हादसा हो गया।

साइप्रियन संगमा: मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा सहित 10 लोग 22 सितंबर 2004 को पवन हंस हेलीकॉप्टर से गुवाहाटी से शिलांग की ओर जा रहे थे। राज्य की राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर बारापानी झील के निकट हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें मंत्री और बाकी सभी यात्रियों की जान चली गई।

ओ. पी. जिंदल और सुरेंद्र सिंह: प्रमुख उद्योगपति और हरियाणा के तत्कालीन बिजली मंत्री ओम प्रकाश जिंदल तथा कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हुई। दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे उनके हेलीकॉप्टर का उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में क्रैश हो गया, जिसमें पायलट सहित कई लोगों की जान गई।

वाई.एस. राजशेखर रेड्डी: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की मौत 2 सितंबर 2009 को चित्तूर जिले में एक बेल 430 हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर जंगल में गिर गया। रेड्डी का शव हादसे के 27 घंटे बाद मिला। वे कांग्रेस के लोकप्रिय नेता थे, जिन्होंने किसानों, गरीबों और अल्पसंख्यकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई थीं।

दोर्जे खांडू: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जे खांडू की मौत 30 अप्रैल 2011 को पवन हंस हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई। वे तवांग से ईटानगर लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर चीन सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कांग्रेस के इस नेता ने राज्य के विकास में योगदान दिया था।

विजय रूपाणी: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय रूपाणी की मौत 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया फ्लाइट के क्रैश में हुई। विमान टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 241 यात्रियों की मौत हुई। इस विमान हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर उमड़ गई थी।

जनरल बिपिन रावत : भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर के पास एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वह अपनी पत्नी और 11 अन्य लोगों के साथ सुलू से वेलिंगटन जा रहे थे। इस हादसे में उनकी जीवनसंगिनी मधुलिका राबत समेत कुल 13 लोगों की जान गई। जनरल रावत ने पूर्वोत्तर में उग्रवाद को खत्म करने में अहम योगदान दिया था। उनकी मौत के तीन साल बाद 2024 लोकसभा में रक्षा मामलों की स्थायी समिति की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एमआई-17 हादसा मानवीय चूक से हुआ था।

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