मानसगान से जागी सामाजिक चेतना, महिला शक्ति और सामूहिकता का दिया संदेश

धमतरी / जानकी के संदेश एक प्रयास महिला मानस समिति खरेंगा के तत्वावधान में ग्राम खरेंगा में दो दिवसीय भव्य मानसगान कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक संदेश के साथ किया गया। इस आयोजन में ग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं, पुरुषों एवं युवाओं की उपस्थिति रही। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, संस्कार और सामाजिक समरसता के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम के दौरान रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों का सुमधुर गायन प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे। मानसगान के माध्यम से मर्यादा, सेवा, त्याग, नारी सम्मान एवं सामाजिक एकता जैसे विषयों को प्रभावशाली रूप में जनमानस तक पहुंचाया गया। समिति द्वारा आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बना।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रंजना साहू ने अपने विस्तृत संबोधन में सामूहिकता के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब उसमें आपसी सहयोग, विश्वास और एकजुटता होती है। आज के समय में व्यक्तिगत सोच के बजाय सामूहिक सोच अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही मजबूत समाज की नींव रखता है।
श्रीमती साहू ने कहा कि महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। जब महिलाएं एक मंच पर संगठित होकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ती हैं, तो उससे नई पीढ़ी को संस्कार, मर्यादा और अनुशासन की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि मानसगान जैसे आयोजनों से धार्मिक चेतना के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने जानकी के संदेश एक प्रयास महिला मानस समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से महिलाएं संगठित होती हैं और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की दिशा में मजबूत पहल होती है। उन्होंने सभी महिलाओं से संगठित रहकर समाजहित एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि उमेश साहू, जिला मीडिया प्रभारी भाजपा ने महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता के माध्यम से महिलाएं समाज की दिशा और दशा बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त होगा। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
दो दिवसीय इस मानसगान कार्यक्रम ने ग्रामीण अंचल में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी व्यापक संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सुभाष साहू,शेखन साहू, पुष्पा उषा साहू, शैल चौधरी, महेश्वरी चक्र, निर्मला साहू, बसंती साहू, सरोज चक्र, सुरंजन चक्र, अमरिका ध्रुव, अंजनी साहू, नंदा ध्रुव, शांति साहू, देवतीन साहू, दुलेश साहू, नीलम साहू, धनचंद साहू, हेमिन विश्वकर्मा, दशमत साहू, उर्मिला साहू, नर्मदा साहू, लुकेश्वरी विश्वकर्मा, धनेश्वरी साहू, याचना विश्वकर्मा, मोहनी साहू, ईश्वरी साहू।



