महात्मा गांधी का स्वदेशी का आह्वान आज विकसित भारत का मूलभूत सिद्धांत है : पीएम मोदी

30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर की थी हत्या
नई दिल्ली। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि आज शुक्रवार को शहीद दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी के आदर्शों को याद करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के स्वदेशी के आह्वान को विकसित भारत का मूलभूत सिद्धांत बताया, जबकि योगी ने बापू के आदर्शों को आत्मसात कर विकसित भारत के निर्माण की बात कही। बता दें कि महात्मा गांधी की 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।’ उन्होंने महात्मा गांधी के स्वदेशी के आह्वान को विकसित भारत का मूलभूत सिद्धांत बताया। उन्होंने कहा कि बापू ने हमेशा स्वदेशी पर विशेष जोर दिया, जो आज की सरकार के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का एक मूलभूत स्तंभ भी है।
सीएम योगी ने एक्स पर गांधी को दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। श्रद्धेय ‘बापू’ का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेंगी। आइए, ‘बापू’ के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दें।’ बता दें कि भारत हर साल 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन गांधी स्वतंत्रता के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी जाती है।
आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं गांधी
महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। वह 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में पैदा हुए थे। बचपन से ही वे सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते थे। उन्होंने लंदन से वकालत की पढ़ाई की और दक्षिण अफ्रीका में रहकर अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया। भारत लौटकर उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बड़े आंदोलन चलाए। गांधी ने अहिंसा को हथियार बनाकर अंग्रेजों को भारत छोडऩे पर मजबूर कर दिया। वे हमेशा गरीबों, किसानों और हर कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहे। आज भी उनका अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया को प्रेरित करता है।
गांधी एक सोच, जिसे नफरत नहीं मिटा सकती : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, “महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं। वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
राज्यपाल डेका ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा है कि महात्मा गांधी ने मातृभूमि की सेवा के लिए सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके आदर्श एवं विचार देश सहित पूरी दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक हैं। लोकभवन के अधिकारियों- कर्मचारियों ने भी गांधी जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।



