छत्तीसगढ़

दर्री का जानलेवा ट्रांसफार्मर हटेगा: वर्षों पुरानी समस्या पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, प्रीतेश गांधी की पहल रंग लाई


धमतरी(प्रखर) दर्री गांव के मुख्य चौक पर वर्षों से लगा विद्युत ट्रांसफार्मर ग्रामीणों के लिए लगातार खतरे का कारण बना हुआ था। गांव का यह प्रमुख चौक न केवल आवागमन का मुख्य मार्ग है, बल्कि यहीं स्थित स्कूल, सार्वजनिक सामुदायिक भवन और विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन स्थल भी है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर जमीन के बेहद करीब आ चुका ट्रांसफार्मर हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क और चौक के सीमेंटकरण के बाद ट्रांसफार्मर की ऊंचाई अपेक्षाकृत कम हो गई थी और वह लगभग जमीन से सट चुका था। बरसात के दिनों में पानी भरने की स्थिति और बच्चों की आवाजाही ने खतरे को और बढ़ा दिया था। पूर्व में भी कुछ छोटी-बड़ी घटनाएं घट चुकी थीं, जिससे ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना रहता था।
वर्षों से लंबित थी मांग
ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। हर बार फंड के अभाव या तकनीकी कारणों का हवाला देकर समस्या को टाल दिया गया। परिणामस्वरूप गांव के लोगों में निराशा व्याप्त थी और वे किसी ठोस पहल की प्रतीक्षा कर रहे थे।
सहयोग केंद्र में उठी आवाज
जब इस गंभीर मुद्दे की जानकारी भाजपा प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी को दी गई, तो उन्होंने इसे प्राथमिकता से लेते हुए तत्काल पहल की। ग्रामीणों को साथ लेकर वे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित सहयोग केंद्र कार्यक्रम में पहुंचे।
इस दौरान जनपद सदस्य गितेश्वरी साहू, सरपंच हिमांशु शेखर साहू, उपसरपंच निरंजन साहू एवं ग्राम समिति के अध्यक्ष सहित ग्रामवासियों ने प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा के समक्ष पूरे तथ्य विस्तार से रखे। ट्रांसफार्मर की खतरनाक स्थिति, पूर्व में हुई घटनाएं और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को स्पष्ट रूप से बताया गया।
त्वरित संज्ञान, प्रशासन सक्रिय
प्रीतेश गांधी के प्रभावी हस्तक्षेप और सतत फॉलोअप के परिणामस्वरूप सहयोग केंद्र में ही मामले का त्वरित संज्ञान लिया गया। कलेक्टर को ट्रांसफार्मर को शीघ्र अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन और विद्युत विभाग सक्रिय हो गया।
सूत्रों के अनुसार, नए खंभे गाड़े जा चुके हैं और ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे वर्षों से मंडरा रहा खतरा समाप्त हो सकेगा।
ग्रामीणों ने जताया आभार
दर्री के ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि यह समस्या लंबे समय से गांव के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर हर समय आशंका बनी रहती थी।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से लंबित यह मांग अब पूरी होने जा रही है, जो प्रीतेश गांधी की प्रतिबद्धता और सक्रिय पहल का परिणाम है। उन्होंने प्रशासन के त्वरित कदम की भी सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर इसी तरह संवेदनशीलता दिखाई जाएगी।
ट्रांसफार्मर के स्थानांतरण के बाद दर्री गांव के मुख्य चौक पर न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी निर्भय वातावरण में संचालित हो

Author Desk

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