उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में अवैध शिकार की कोशिश नाकाम, आगजनी करते तीन आरोपी गिरफ्तार

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार और आगजनी की साजिश को वन विभाग की टीम ने सतर्कता से विफल कर दिया। 28 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर दक्षिण उदंती, उत्तर उदंती तथा इंदागांव धुरवागुड़ी (बफर) एवं तोरेंगा (बफर) क्षेत्र में वन अमले द्वारा सघन गश्त की जा रही थी।
गश्त के दौरान दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र अंतर्गत बंजारीबहार बीट के कक्ष क्रमांक 21 कोर क्षेत्र में जंगल में आग लगाकर एवं फंदा बिछाकर शिकार की तैयारी कर रहे तीन व्यक्तियों को मौके पर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयलाल व. लखीराम (उम्र 35 वर्ष), पनसिंग व. लालसिंग (उम्र 22 वर्ष) तथा रायसिंग व. मधुराम (उम्र 20 वर्ष), सभी निवासी जिला नुआपाड़ा (ओडिशा) के रूप में हुई है।
आरोपियों के कब्जे से 5 नग खरगोश फंदा, 2 नग जंगली सूअर फंदा, 2 नग माचिस डिब्बा एवं 1 नग कुल्हाड़ी जब्त की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को शाम लगभग 4:10 बजे उन्होंने कक्ष क्रमांक 21 के कोर क्षेत्र में 5 खरगोश फंदा और 2 जंगली सूअर फंदा लगाए थे तथा माचिस की सहायता से जंगल में विभिन्न स्थानों पर आग लगाई थी। 28 फरवरी की सुबह लगभग 5 बजे वे लगाए गए फंदों में शिकार फंसा है या नहीं, यह देखने पहुंचे थे, तभी वन अमले ने उन्हें धर दबोचा।
परिसर रक्षक बंजारीबहार द्वारा तीनों आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 44/21, दिनांक 28.02.2026 पंजीबद्ध किया गया। मामले की विवेचना सहायक परिक्षेत्र अधिकारी कोयबा द्वारा की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 17(क), 27, 29, 30, 31, 39(3), 50, 51 एवं 52 के तहत कार्रवाई की गई है।
तीनों आरोपियों को 28 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में दक्षिण उदंती, उत्तर उदंती, इंदागांव धुरवागुड़ी (बफर) एवं तोरेंगा (बफर) क्षेत्र के वन अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



