छत्तीसगढ़

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति का हुआ सम्मान, समाज को नई दिशा देने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित


धमतरी(प्रखर)अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शहर के राधा कृष्ण परिसर में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर प्रेरणा बनने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। समाजसेवी एवं धर्मप्रेमी पंडित राजेश शर्मा की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में शहर की कई ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्य, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में एक विशेष पहचान बनाई है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव शक्ति, संस्कार और संस्कृति की संवाहक के रूप में देखा जाता है। नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति भी है। इसी उद्देश्य से समाज में सकारात्मक कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की संयोजिका सरिता बहन ने कहा कि देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं से समाज को आज बहुत उम्मीदें हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तभी सार्थक होगा जब महिलाएं अपने आत्मविश्वास और सामर्थ्य को पहचानते हुए घर, परिवार, समाज, राज्य और राष्ट्र को सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के आयोजक पंडित राजेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पटल पर भारत की पहचान उसके धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के कारण है और इन संस्कारों को आगे बढ़ाने में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संस्कारित और मूल्यवान बनाने की जिम्मेदारी भी महिलाओं के कंधों पर है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सभी को मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज में संस्कार, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज को सही दिशा देने वाली महिलाओं के प्रति समाज सदैव ऋणी रहेगा।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें श्रीदेवी चौबे शामिल हैं, जो सेवानिवृत्त प्राचार्य होने के साथ-साथ पिछले 33 वर्षों से अंतर कला परिषद के माध्यम से दिव्यांगजनों की सेवा संगीत के माध्यम से कर रही हैं।
हशमीत कौर को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग जीतकर न केवल खुद को मजबूत बनाया बल्कि धमतरी वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग संघ की सचिव एवं महिला कोच के रूप में बालिकाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। वे स्वयं 19 बार नेशनल पावरलिफ्टिंग गोल्ड मेडल जीतकर समाज के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
डॉ. आस्था नंदा को रेडियोलॉजिस्ट के रूप में कई वर्षों से चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं वीणा मिश्रा को पति के निधन के बाद विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए अपने बच्चों की परवरिश कर उन्हें योग्य बनाने के लिए सम्मानित किया गया।
गोदावरी साहू, जो आशा गौ सेवा समिति की अध्यक्ष हैं, उन्हें दुर्घटनाग्रस्त और कत्लखाने से बचाई गई गौमाताओं की सेवा और संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों से समाज में गौ सेवा और करुणा की भावना को बढ़ावा मिल रहा है।
पलक यादव और उनकी बहन को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने नौकरी छोड़कर रूद्री रोड स्थित आमा तालाब चौक के पास इडली-डोसा का स्टॉल शुरू कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उनका यह प्रयास स्टार्टअप इंडिया की भावना को भी आगे बढ़ाता है।
सूर्या लुंकड़ को भारतीय जैन संगठन की पूर्व अध्यक्ष होने के साथ-साथ पिछले 30 वर्षों से विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर समाज सेवा करने के लिए सम्मानित किया गया।
उज्ज्वला साहू को कला और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वे विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मंच संचालन की कला सिखाकर उनमें आत्मविश्वास विकसित करने का कार्य कर रही हैं।
स्नेहा राठौड़ को पिछले 20 वर्षों से सार्थक स्कूल के दिव्यांग बच्चों की सेवा और उनके विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया।
शशि साहू को भी सम्मानित किया गया, जो पिछले 30 वर्षों से शहर के हृदय स्थल मकई चौक में चाय का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बनी हुई हैं।
रागिनी मिश्रा (डीएसपी) को देश सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वे अपनी सादगी, संवेदनशीलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण के कारण लोगों के बीच एक प्रेरणादायक छवि प्रस्तुत करती हैं।
बरखा शर्मा, जो सर्व ब्राह्मण समाज की जिलाध्यक्ष हैं, को नारी उत्थान के कार्यों और जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने के लिए सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार प्राप्ति वशानी को रेडक्रॉस सोसायटी की चेयरमैन के रूप में रक्तदान जागरूकता, स्वास्थ्य शिविर, नशामुक्ति अभियान, महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाने के लिए सम्मानित किया गया। वे नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचा रही हैं। उन्होंने स्वयं नेत्रदान का संकल्प लेकर भी समाज को प्रेरित किया है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सम्मानित महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायक पहल समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सेवा की भावना को बढ़ावा देती है।
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र शर्मा द्वारा किया गया। समारोह में शहर के कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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