कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक सम्पन्न, धमतरी बनेगा उभरता औद्योगिक हब

निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर व्यापक मंथन, उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर
धमतरी(प्रखर) कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति एवं धमतरी डेवलपमेंट फोरम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में निवेश संभावनाओं, औद्योगिक विकास और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में कलेक्टर ने जिले की औद्योगिक संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध धमतरी जिला लघु, मध्यम एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए बेहद अनुकूल है। प्रशासन द्वारा सड़कों, जल एवं विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है।
बैठक में औद्योगिक विकास को गति देने हेतु डायवर्सन के लंबित मामलों की समीक्षा, लैंड बैंक की स्थिति, नए निवेश प्रस्तावों पर विचार और नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही राज्य शासन की औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत मिलने वाले अनुदानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विचार किया गया।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और क्लस्टरों के लिए भूमि चिन्हांकन एवं आवंटन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जीजामगांव में फूड पार्क संचालित हो रहा है, जबकि करेली बड़ी और श्यामतराई में औद्योगिक क्लस्टरों का विकास कार्य जारी है। इसके अलावा छाती और कचना क्षेत्र में मेगा फूड पार्क की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।
जिले में कुल पांच औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें सड़क, बिजली, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल होगी। उद्योगों के लिए आवश्यक अनुमतियों को समय-सीमा में जारी करने हेतु “सिंगल विंडो सिस्टम” को प्रभावी बनाया गया है।
कलेक्टर ने कहा कि धमतरी की भौगोलिक स्थिति निवेश के लिए बेहद अनुकूल है। राजधानी रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई से निकटता, भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बेहतर सड़क संपर्क और प्रस्तावित रेल सुविधा से जिले की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। धमतरी एवं कुरूद क्षेत्र में रेलवे रैक प्वाइंट बनने से औद्योगिक परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और सेक्टर प्रतिनिधियों ने भूमि उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, परिवहन एवं बैंकिंग सहयोग से जुड़ी समस्याएं रखीं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए और निवेशकों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों के साथ समन्वित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद के माध्यम से धमतरी को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीते दो वर्षों में जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुरूद के भालुझूलन एवं मगरलोड के करेलीबड़ी में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु भूमि सीएसआईडीसी को सौंप दी गई है और निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
श्यामतराई में लघु वनोपज प्रसंस्करण औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई है, जहां कई इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। वहीं छाती क्षेत्र में लैंड बैंक विकसित कर भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है। जीजामगांव में विकसित औद्योगिक क्षेत्र में भी निवेशकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय संसाधनों, कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों के साथ आधुनिक तकनीक और निवेश को जोड़कर संतुलित एवं टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जाएगा। धमतरी तेजी से निवेशकों के विश्वास का केंद्र बन रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
समग्र रूप से धमतरी जिला नियोजित औद्योगिक विकास, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के चलते निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले समय में यह जिला रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बनेगा।
बैठक के अंत में महाप्रबंधक लोकपाल खांडेकर द्वारा सभी उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।



