छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक संपन्न


कलेक्टर के कड़े निर्देश, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर
धमतरी-  कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित योजनाओं, पोषण स्तर, आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, बच्चों एवं माताओं के पोषण स्तर तथा विभागीय पोर्टलों में नियमित और शुद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों में कम उपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए पर्यवेक्षकों को नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
कुरूद क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियों में कमजोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पोषण ट्रैकर की समीक्षा के दौरान पोषण स्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव पर असंतोष जताते हुए लापरवाही बरतने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कुपोषित बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और उपचार सुनिश्चित करने के लिए चिरायु टीम के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही “सुपोषित धमतरी अभियान” के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए वीडियो एवं अन्य माध्यमों से जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मातृ वंदना योजना में लक्ष्य पूर्ति के आधार पर जिले के राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर संबंधित अधिकारियों की सराहना की गई।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जर्जर और मरम्मत योग्य स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति पर गंभीरता से चर्चा करते हुए सभी केंद्रों का प्राक्कलन तैयार कर 5 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, ताकि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू हो सके।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और अन्य जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं में सुधार प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए तय समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी कल्पना ध्रुव, जिला कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एल. कौशिक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रिय कवर, जिला टीकाकरण अधिकारी जे. पी. दीवान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के चारों विकासखंडों से अधिकारी एवं पर्यवेक्षक ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े रहे।

Author Desk

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