छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में भारत का पहला यूनिवर्सल इन्फेक्शियस डिजीज जीनोमिक टेस्ट – इनफेक्‍सन™ लॉन्च

हेस्टैक एनालिटिक्स और द अमेरिकन लैबोरेटरी ने किया लॉन्च

रायपुर। हेस्टैक एनालिटिक्स ने मध्य भारत में छत्तीसगढ़ के रायपुर में भारत का पहला यूनिवर्सल इन्फेक्शियस डिजीज टेस्ट (आईडी) – इनफेक्‍सन™ लॉन्‍च करने के लिए द अमेरिकन लैबोरेटरी के साथ साझेदारी की है। हेस्टैक एनालिटिक्स भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और डॉ वेलुमणि जैसे हेल्‍थकेयर दिग्‍गज और जीई हेल्‍थकेयर एवं इंटेल जैसी निजी कंपनियों द्वारा समर्थित, आईआईटी बॉम्बे स्थित हेल्थटेक कंपनी है। इस महत्‍वपूर्ण साझेदारी से शहर में संक्रामक बीमारियों की पहचान के लिए दुनिया की पहली आधुनिक जीनोमिक टेस्टिंग टेक्‍नोलॉजी को पेश किया गया है। शहर के डॉक्टर मरीजों की जांच के लिए आधुनिक डायग्‍नोस्टिक क्षमताओं से लैस होंगे और वह रोग की जल्द पहचानकर उनका इलाज शुरू कर सकेंगे।

हेस्टैक एनालिटिक्स ने जीनोम सिक्वेंसिंग के संबंध में लोगों को शिक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण मेडिकल प्रोफेशनल्स को मंच पर लाने की मजबूत पहल की है। इन डॉक्टरों में इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन में रायपुर चैप्‍टर के प्रेसिडेंट डॉ. सूर्यप्रकाश साहू (एमबीबीएस, एमडी, इंटरनल मेडिसिन), रायपुर में द अमेरिकन लैबोरेटरी के डायरेक्‍टर डॉ. लवेश रूपरेला (एमबीबीएस, एमडी, डीएनबी-पैथोलॉजी), हेस्टैक एनालिटिक्स के सह-संस्थापक और सीओओ गौरव श्रीवास्तव और हेस्टैक एनालिटिक्स (साइन, आईआईटी, बॉम्बे) में मेडिकल अफेयर्स की डायरेक्‍टर डॉ. महुआदास गुप्ता (एमबीबीएस, एमडी, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी (पीजीआईएमईआर सीएचडी) एमएचए शामिल हैं।

द अमेरिकन लैबोरेटरी के निदेशक डॉ. लवेश रूपरेला (एमबीबीएस, एमडी, डीएनबी, पैथोलॉजी) ने कहा, “हमें हेस्टैक एनालिटिक्स के साथ अपनी साझेदारी से बहुत आशा है। द अमेरिकन लैबोरेटरी देश मे संक्रामक रोगों का टेस्ट प्रदान करने वाली पहली लैब बन गई है। इसकी शुरुआत रायपुर से हो रही है। जीनोमिक्स और संक्रामक रोग के संबंध में शोध में अपनी विशेषज्ञता का समावेश कर रायपुर के डॉक्टरों ने संक्रामक रोगों का प्रभावी तरीके से निपटने का ताकतवर उपकरण मुहैया कराया है। इसके साथ हम जल्द ही अपनी साझेदारी के अगले चरण में प्रवेश करेंगे। इस चरण में हम अपने पोर्टफोलियो में हेस्टैक एनालिटिक्स का टीबी टेस्ट (जिसे ओमेगा टीबी के नाम से पुकारा जाता है) भी शुरू करेंगे। इससे नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेसिंग की मदद से टीबी रोगियों के लिए प्रतिरोधक दवाओं की तेजी से पहचान की जा सकती है।”

गौरव श्रीवास्तव ने कहा की, “बीमारी की सटीक और सही जांच से इलाज से मरीजों की स्थिति को काफी सुधारा जा सकता है। इन्फेक्सेन यूनिवर्सिल आईडी टेस्ट समय रहते हुए जीनोम सीक्वेसिंग और विश्लेषण का प्रयोग कर संक्रामक रोगों की जांच का तरीका बदल सकता है। हेस्टेक एनालिटिक्स में हम जांच की सबसे बेहतर उपलब्ध तकनीक से मेडिकल प्रफेशनल्स को लैस करना चाहते हैं। द अमेरिकन लैबोरेटरी और हेल्थकेयर प्रफेशनल्स के विश्वसनीय नेटवर्क के साथ साझेदारी कर हम अपने जीनोम बेस्ड टेस्टिंग को रायपुर में बड़ी संख्या में मरीजों तक पहुंचाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य लोगों की जिंदगी सुधारना और बचाना है।”

Author Desk

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