छत्तीसगढ़

सभापति निष्पक्षता को तार–तार कर बन गई बीजेपी एजेंट:- कांग्रेस पार्षद


सभापति का पहला कर्तव्य संविधान और निष्पक्षता है पार्टी नहीं है, उन्हें सदन का अभिभावक बनना है बीजेपी एजेंट नहीं –सुमन मेश्राम

धमतरी– निगम में सत्ता पक्ष द्वारा बुलाए गए सामान्य सभा के पश्चात निगम के अध्यक्ष (स्पीकर ) कौशिल्या देवांगन के कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है कांग्रेस पार्षद सुमन मेश्राम ने कहा कि सभापति द्वारा भाजपा के साथ गांधी प्रतिमा के सामने खड़े होकर सीधे राजनीतिक भाषा का प्रयोग किया गया जो कि निंदनीय है सभापति का पहला कर्तव्य संविधान और निष्पक्षता है पार्टी नहीं है । उन्हें सदन का अभिभावक बनना है भाजपा एजेंट नहीं । ये सीधे सीधे लोकतंत्र पर गहरी चोट है जबकि निकाय जैसी संस्था को संविधान में सदन की दर्जा दिया गया है जो कल तार तार हुआ है
 
पार्षद पूर्णिमा रजक ने कहा कि सभापति को दलगत राजनीति से दूर रहकर सभी राजनीतिक दलों को समान नजर से देखना चाहिए ।  सभापति के कार्य शैली पर सवाल उठ रहे है सभापति बनते ही दलगत राजनीति से दूर रहकर सदन की परंपरा का निर्वाहन करना चाहिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्हें विधान सभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह से संवैधानिक कर्तव्य और मर्यादा सीखना चाहिए।

पार्षद उमा ध्रुव , रामेश्वरी कोसरे ने कहा कि सभापति का कर्तव्य होता है पक्ष–विपक्ष को बोलने का समान अवसर दे किंतु कल सदन में सत्ता पक्ष के बोलने के बाद विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं देना ये उनके कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है ? विपक्ष की आवाज को सदन में दबाया गया है जिसका खामियाजा आने वाले समय में भाजपा को भुगतना पड़ेगा ।जिस तरह से बहुमत की दादागिरी दिखाई जा रही है आने वाले समय में जनता उन्हें तबाह करेगी ।

Author Desk

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