धमतरी की बेटी मुमुक्षु आस्था लूनिया को मिलेगा दीक्षा मुहूर्त
कल जयपुर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान होगा शुभ अवसर, धमतरी सहित समूचे छत्तीसगढ़ में हर्ष का वातावरण

धमतरी की बेटी मुमुक्षु आस्था लूनिया को मिलेगा दीक्षा मुहूर्त
कल जयपुर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान होगा शुभ अवसर, धमतरी सहित समूचे छत्तीसगढ़ में हर्ष का वातावरण
आशीष बंगानी
धमतरी।छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के लिए अत्यंत गर्व, श्रद्धा और आध्यात्मिक हर्ष का विषय है कि शहर की धर्मनिष्ठ मुमुक्षु कु. आस्था लूनिया (सुपुत्री श्री धनराज लूनिया एवं श्रीमती पूजा लूनिया) को 29 जुलाई 2026 को जयपुर में आयोजित भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर पूज्य आचार्य भगवंतों की पावन निश्रा में दीक्षा मुहूर्त प्रदान किया जाएगा। इस शुभ समाचार से धमतरी सहित समूचे छत्तीसगढ़ के जैन समाज में उत्साह, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण है।
इसी अवसर पर पूज्य खरतरगच्छाचार्य श्री जिन महेन्द्रसागर सूरीश्वर जी म.सा. के 25वें दीक्षा रजत जयंती महोत्सव का भी भव्य आयोजन होगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु एवं जैन समाज के गणमान्यजन सहभागी बनेंगे।
मुमुक्षु आस्था लूनिया बचपन से ही धार्मिक एवं संस्कारित वातावरण में पली-बढ़ी हैं। उनके परदादा स्वर्गीय श्री लक्ष्मीचंद लूनिया, परदादी स्वर्गीय श्रीमती चम्पाबाई लूनिया, दादा स्वर्गीय श्री ताराचंद लूनिया तथा लूनिया परिवार की कुलदीपिका साध्वी आत्मरुचि श्रीजी म.सा. सहित पूरे परिवार के धार्मिक संस्कारों का उनके व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव रहा है। प्रारंभ से ही उन्हें पूज्य साधु-साध्वी भगवंतों का स्नेह, सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त होता रहा, जिसके परिणामस्वरूप कम आयु में ही उनके मन में धर्म, संयम, तप एवं आत्मकल्याण के प्रति अटूट श्रद्धा विकसित हुई।
आस्था की दिनचर्या में नियमित जिनालय दर्शन, भगवान की पूजा-अर्चना, स्वाध्याय, सामायिक, प्रतिक्रमण, नवकार मंत्र का जाप तथा धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता सदैव शामिल रही है। सांसारिक आकर्षणों से दूर रहकर उन्होंने आध्यात्मिक जीवन को ही अपना लक्ष्य बनाया। गुरु भगवंतों के सत्संग, प्रवचन एवं मार्गदर्शन ने उनके जीवन को नई दिशा प्रदान की और संयम मार्ग पर अग्रसर होने की भावना को निरंतर दृढ़ किया।
अब उनकी इसी आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण पड़ाव 29 जुलाई 2026 को आएगा, जब पूज्य आचार्य भगवंतों द्वारा उन्हें दीक्षा मुहूर्त प्रदान किया जाएगा। यह अवसर केवल लूनिया परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि धमतरी एवं पूरे छत्तीसगढ़ के जैन समाज के लिए भी अत्यंत गौरव, प्रेरणा और हर्ष का विषय माना जा रहा है।
इस पावन समारोह में पूज्य खरतरगच्छाचार्य आचार्य श्री जिन महेन्द्रसागर सूरीश्वर जी म.सा., पूज्य उपाध्याय प्रवर युवा मनीषी श्री मनीष सागर जी म.सा., पूज्या गुरुवर्या श्री मणिप्रभा श्रीजी म.सा. सहित अनेक संत-साध्वी भगवंतों की पावन निश्रा प्राप्त होगी। धमतरी एवं छत्तीसगढ़ से लगभग 100 से 150 श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक अवसर के साक्षी बनने जयपुर पहुंच चुके हैं।
श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ धमतरी के अध्यक्ष विजय गोलछा ने प्रखर समाचार से कहा कि धमतरी की बेटी आस्था लूनिया को दीक्षा मुहूर्त प्राप्त होना पूरे समाज के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में जब युवा सांसारिक सुख-सुविधाओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे समय में संयम मार्ग का चयन करना अत्यंत प्रेरणादायी है। यह पूरे समाज के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगा।
श्री सकल जैन श्री संघ धमतरी के अध्यक्ष आकाश गोलछा ने प्रखर समाचार से कहा कि मुमुक्षु आस्था लूनिया का संयम पथ की ओर बढ़ना धमतरी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके इस निर्णय से समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी तथा युवा पीढ़ी धर्म और संस्कृति के प्रति और अधिक जागरूक होगी।
नगर निगम धमतरी के स्वास्थ्य विभाग के सभापति नीलेश लूनिया ने कहा कि यह केवल लूनिया परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे धमतरी शहर के लिए गर्व का क्षण है। आस्था लूनिया का वैराग्य और धर्म के प्रति समर्पण यह सिद्ध करता है कि भारतीय संस्कृति और जैन धर्म के संस्कार आज भी युवा पीढ़ी के जीवन में गहराई से विद्यमान हैं। उन्होंने उनके उज्ज्वल संयम जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने।
चातुर्मास व्यवस्था समिति धमतरी के अध्यक्ष वीरेंद्र गोलछा ने कहा कि किसी भी परिवार में संयम जीवन की भावना का जागृत होना अत्यंत सौभाग्य का विषय होता है। मुमुक्षु आस्था लूनिया का यह निर्णय अनगिनत लोगों को धर्म, तप, त्याग और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर अधिकाधिक धर्म आराधना करने तथा मुमुक्षु के उज्ज्वल आध्यात्मिक भविष्य के लिए मंगलकामना करने का आह्वान किया।
समाजजनों ने कहा कि 29 जुलाई का यह शुभ अवसर धमतरी के धार्मिक इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुमुक्षु आस्था लूनिया को प्राप्त होने वाला दीक्षा मुहूर्त केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, तप, वैराग्य और आत्मकल्याण की दिशा में एक दिव्य शुरुआत है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।



