दीक्षा मुहूर्त पश्चात धर्मनगरी धमतरी में मुमुक्षु आस्था लुनिया का भव्य नगर प्रवेश
10 दिसंबर को जयपुर में होगा दीक्षा समारोह
दीक्षा मुहूर्त पश्चात धर्मनगरी धमतरी में मुमुक्षु आस्था लुनिया का भव्य नगर प्रवेश, 10 दिसंबर को जयपुर में होगा दीक्षा समारोह

धमतरी। दीक्षा के पावन मार्ग पर अग्रसर मुमुक्षु आस्था लुनिया का धर्मनगरी धमतरी में भव्य नगर प्रवेश होने जा रहा है। इस आध्यात्मिक अवसर को लेकर जैन समाज में उत्साह, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है। दीक्षा मुहूर्त पश्चात मुमुक्षु आस्था लुनिया के धमतरी आगमन पर जैन समाज द्वारा विशेष धार्मिक आयोजन किया जा रहा है।
मुमुक्षु आस्था लुनिया स्वर्गीय श्री ताराचंद जी लुनिया एवं श्रीमती कमला देवी लुनिया की सुपौत्री तथा श्री धनराज लुनिया एवं श्रीमती पूजा लुनिया की सुपुत्री हैं। उनके संयम एवं दीक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने के निर्णय को लेकर समाजजनों में विशेष प्रसन्नता है।
आदेश्वर जिनालय आमापारा से शुरू होगा भव्य नगर प्रवेश
मुमुक्षु आस्था लुनिया का नगर प्रवेश सुबह 8 बजे श्री आदेश्वर जिनालय से प्रारंभ होगा। यहां से गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालुओं एवं समाजजनों की उपस्थिति में नगर प्रवेश यात्रा श्री पार्श्वनाथ जिनालय के लिए रवाना होगी।
श्री पार्श्वनाथ जिनालय पहुंचने के पश्चात दर्शन-वंदन एवं प्रवचन का आयोजन होगा। इसके बाद मुमुक्षु आस्था लुनिया अपने निवास स्थान पर मंगल प्रवेश करेंगी।
10 दिसंबर को जयपुर, राजस्थान में होगा दीक्षा समारोह
मुमुक्षु आस्था लुनिया के आध्यात्मिक जीवन की दिशा में यह नगर प्रवेश महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। आगामी 10 दिसंबर को राजस्थान के जयपुर में दीक्षा समारोह आयोजित होगा, जहां वे सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम एवं आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर होंगी।
दीक्षा के इस पावन अवसर को लेकर धमतरी सहित जैन समाज में विशेष उत्साह है। समाजजनों का मानना है कि संयम और त्याग का मार्ग अपनाने का निर्णय आध्यात्मिक प्रेरणा का संदेश देता है।
नगर प्रवेश के इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाजजनों के शामिल होने की उम्मीद है। श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ एवं लुनिया परिवार द्वारा समाजजनों से इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में उपस्थित होकर मुमुक्षु आस्था लुनिया के मंगल आध्यात्मिक जीवन की शुभकामनाएं देने की अपील की गई है।
निवेदक — श्री जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ एवं ताराचंद मूलचंद लुनिया परिवार, धमतरी (छत्तीसगढ़)।



