कोरबा में 7 वर्षीय बच्ची की हत्या से सनसनी, तीन दिन बाद झाडिय़ों में मिला शव; आरोपी हिरासत में

डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने तेज की जांच, घटना से क्षेत्र में आक्रोश; पुलिस के आधिकारिक खुलासे का इंतजार
कोरबा (प्रखर)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सात वर्षीय मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। घर से किराना दुकान जाने के लिए निकली बच्ची तीन दिन तक लापता रही। गुरुवार सुबह उसका शव करीम पोल्ट्री फार्म के पीछे झाडिय़ों में मिला। शुरुआती जानकारी में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने मामले में एक संदेही को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
किराना दुकान जाने निकली थी मासूम, फिर नहीं लौटी घर
जानकारी के मुताबिक, 19 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे बच्ची अपने पिता को बताकर पास की किराना दुकान से सामान लेने निकली थी। उस समय उसके पिता सो रहे थे। जब उनकी नींद खुली और बच्ची घर पर नहीं मिली, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला, तो पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी लाडली सुरक्षित लौट आएगी, लेकिन तीन दिन की तलाश के बाद उसका शव मिलने की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
बच्ची की तलाश के दौरान पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। पुलिस डॉग बाघा बच्ची के जाने के रास्ते का संकेत देते हुए नदी के पास पहुंचा। इसके बाद आसपास के जंगल, झाडिय़ों और अन्य संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, शुरुआती प्रयासों में बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
गुरुवार सुबह करीम पोल्ट्री फार्म के पीछे झाडिय़ों में शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी लखन पटले, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, थाना प्रभारी निरीक्षक युवराज तिवारी और रजगामार चौकी प्रभारी विनोद सिंह सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की सहायता से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए।
संदेही तक पहुंचने में बाघा के संकेत अहम
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से सुराग तलाशते हुए पुलिस डॉग बाघा रजगामार के रावणभाठा मोहल्ले में एक मकान तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने वहां से गायब मिले एक व्यक्ति की तलाश शुरू की और उसे पकडक़र पूछताछ की। हालांकि, आरोपी तक पहुंचने में मिले संकेतों और कथित स्वीकारोक्ति के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान अजय उर्फ अमित चौहान, उम्र करीब 42 वर्ष, पिता बाबूलाल के रूप में बताई जा रही है। उसके पारिवारिक और घटनास्थल पर मौजूदगी से जुड़े विवरणों की भी आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।
दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका, पुलिस जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी में बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी की भूमिका, घटना की परिस्थितियों और वारदात से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने संदेही को हिरासत में लेने की पुष्टि की है।
2 शादियों की कहानी, बालको में पहली पत्नी और रजगामार में दूसरी
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में पकड़े गए आरोपी की पहचान अजय उर्फ अमित चौहान, उम्र करीब 42 वर्ष, पिता बाबूलाल के रूप में बताई जा रही है। बताया गया कि बालको नगर में उसकी पहली पत्नी रहती है। वहीं रजगामार में उसकी दूसरी पत्नी के रहने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी अक्सर दूसरी पत्नी से मिलने रजगामार आता था और घटना के दिन भी वह वहां आया हुआ था।
घटना से क्षेत्र में आक्रोश, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सात वर्षीय बच्ची की मौत की खबर से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। परिजनों के लिए तीन दिन तक तलाश करने के बाद बच्ची का शव मिलना गहरा दुख देने वाला घटनाक्रम है। घटना ने बच्चों की सुरक्षा और ऐसे गंभीर अपराधों की रोकथाम को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मामले में दोषी की भूमिका और अपराध से जुड़े तथ्यों का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।



