छत्तीसगढ़

एक करोड़ पचास लाख रुपये से संवरेगा ठेमली आइलैंड, पर्यटकों के ठहरने की होगी व्यवस्था: रामू रोहरा

एक करोड़ पचास लाख रुपये से संवरेगा ठेमली आइलैंड, पर्यटकों के ठहरने की होगी व्यवस्था: रामू रोहरा

धमतरी। गंगरेल बांध स्थित ठेमली आइलैंड अब पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था विकसित करने के लिए शासन से एक करोड़ पचास रुपये की स्वीकृति मिली है। इस राशि से ठेमली आइलैंड में पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि धमतरी जिले में पर्यटन की संभावनाओं को भी नया विस्तार मिलेगा।
महापौर रामू रोहरा ने बताया कि धमतरी जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। गंगरेल बांध और उसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। ठेमली आइलैंड भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के कारण पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां पर्यटकों के रुकने की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई लोग चाहकर भी अधिक समय नहीं बिता पाते थे। इसके पूर्व भी एक करोड़ प्राप्त हुए थे अब एक करोड़ रुपये पचास लाख की स्वीकृति मिलने से इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।
उन्होंने कहा कि ठेमली आइलैंड में ठहरने की सुविधाएं विकसित होने से पर्यटक यहां अधिक समय बिता सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। होटल, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। धमतरी को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पर्यटन स्थलों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। धमतरी के पर्यटन स्थलों को विकसित कर उन्हें प्रदेश और देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ठेमली आइलैंड के लिए मिली यह स्वीकृति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महापौर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप ,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा सांसद रूपकुमारी चौधरी के प्रति आभार प्रकट किया है

Author Desk

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