
रायपुर। स्वर्गीय महेंद्र कर्मा की आज जयंती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हेें नमन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता और मंत्री के रूप में महेन्द्र कर्मा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और छत्तीसगढ़ के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील, जागरूक और भावुक इंसान भी थे। महेंद्र कर्मा आदिवासियों के हक की हर लड़ाई में दमदारी से अपनी बात रखते थे, इसलिए वे बस्तर टाइगर के नाम से भी जाने जाते थे। उनके जैसे निःस्वार्थ व्यक्ति और अच्छे मित्र का साथ मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने जीवन के अंतिम क्षण तक आदिवासियों की बेहतरी के लिए संघर्ष किया। झीरम घाटी नक्सल हमले में उनकी शहादत छत्तीसगढ़ भुला नहीं पाएगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि महेंद्र कर्मा की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए राज्य सरकार ने बस्तर विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया और उनके नाम पर प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि उनके विचार और जीवन मूल्य हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।