इतिहास रचने की तैयारी में भारत, चन्द्रयान-3 की आज होगी सॉफ्ट लैंडिंग

चंद्रयान-3 आज चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इसरो के इस मिशन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की निगाहें आज इतिहास रचने पर टिकी हुई है। चंद्रयान-3 की आज चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग होगी। पूरी दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हुई है। चंद्रयान-3 की लैंडिंग को इसरो की वेबसाइट या यूट्यूब चैनल के साथ डीडी नेशनल पर भी लाइव देखा जा सकता है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का तीसरा महत्वाकांक्षी चंद्र अभियान चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल (एलएम) बुधवार शाम चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए तैयार है। इसी के साथ भारत पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह के रहस्यमयी दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की उपलब्धि हासिल करने वाला पहला देश बनने के लिए उत्सुक है। लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से लैस लैंडर मॉड्यूल के बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने की संभावना है। अब तक केवल तीन अन्य देश – अमेरिका, चीन और तत्कालीन सोवियत संघ ने चंद्रमा पर अपना रोवर उतारा है।
इसरो के निदेशक नीलेश देसाई ने बताया कि रोवर को लैंडर के चारों ओर 500 मीटर इलाके में घूमता है। इसमें दो पहिये हैं, एक पर हमने इसरो का लोगो उभारा है और दूसरे पहिये पर हमने अशोक स्तम्भ उकेरा है, ताकि जब रोवर चांद की सतह पर चलेगा, तो वो अपनी छाप या पदचिह्न छोड़ेगा। इसरो का लोगो और साथ ही चंद्रमा की सतह पर अशोक स्तंभ। रोवर इमेजर या कैमरा सिस्टम, जिसे हमने रोवर के पीछे लगाया है, जब भी रोवर आगे या पीछे जाएगा, हमेशा इलाके की तस्वीरें लेगा। तो इस तरह हमारा लोगो और अशोक स्तंभ चंद्रमा की सतह पर अंकित हो जाएगा। पिछली बार हमने चंद्रमा की सतह पर भारत का झंडा फहराया था। इस बार हमारे पास चंद्रमा की सतह पर इसरो का विशेष लोगो और अशोक स्तंभ उभरा हुआ होगा।



