अतीक की कब्र पर फूट-फूटकर रोए बेटे, 221 दिन बाद बालगृह से छूटे

प्रयागराज। प्रयागराज के राजरूपपुर स्थित बालगृह में 221 दिन से निरुद्ध अतीक अहमद के बेटे एहजम (18) और अबान (15) सोमवार को छोड़ दिए गए। बाल कल्याण समिति ने दोनों को उनकी बुआ परवीन कुरैशी के सुपुर्द किया है। फिलहाल, दोनों को हटवा स्थित रिश्तेदार के घर में रखा गया है।
रात करीब नौ बजे दोनों कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचकर पिता व चाचा की कब्र से लिपटकर फूट-फूटकर रोए। इस दौरान लोगों ने उन्हें अतीक और अशरफ की हत्या का वीडियो भी दिखाया।
24 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड के बाद दो मार्च को अतीक के पांच में से दोनों नाबालिग बेटों को बाल गृह में आवासित किया गया था। हालांकि, इन्हें पुलिस कहां ले गई है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसके लिए अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन ने जिला अदालत से दोनों बच्चों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई थी।
जवाब में धूमनगंज पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि दोनों चकिया में लावारिस हाल में घूमते मिले थे, जिन्हें बालगृह में रखा गया है। नाबालिग एहजम चार अक्तूबर को 18 साल का होते ही बालिग हो गया। इस बीच, इनकी रिहाई का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद सोमवार को सुबह बाल कल्याण समिति की बैठक हुई, जिसमें दोनों को छोड़े जाने का निर्णय लिया गया। शाम करीब 5:30 बजे अतीक की दूसरी नंबर की बहन परवीन कुरैशी अपने अधिवक्ता व परिवार के तीन लोगों के साथ राजरूपपुर में 60 फीट रोड स्थित राजकीय बाल गृह पहुंचीं। करीब आधे घंटे में औपचारिकताएं पूरी होेते ही दोनों उनके सुपुर्द कर दिए गए।