
सरगुजा। सामरी के विधायक चिंतामणि महाराज ने आज प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के नेतृत्व में भाजपा प्रवेश किया। माला पहनाकर चिंतामणि महाराज की भाजपा में घर वापसी हुई। दरअसल, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की सामरी सीट से विधायक चिंतामणि महाराज को इस बार टिकट नहीं दिया है। इसके चलते वे नाराज चल रहे थे।
चिंतामणि महाराज 2004 से 2008 तक अध्यक्ष राज्य संस्कृत बोर्ड रहे थे। फिर उन्होंने 2008 में बलरामपुर जिले के सामरी विधानसभा से ही निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2013 में वे फिर से सामरी विधानसभा से ही चुनाव मैदान में कूदे पर अंतर सिर्फ इतना था कि वे इस बार निर्दलीय चुनाव न लड़कर कांग्रेस की टिकट पर खड़े हुए थे और चुनावी मैदान फतह कर पहली बार विधायक बने थे।



