छत्तीसगढ़राजनीति

छत्तीसगढ़ के हक और अधिकार के अरबों रोककर चिल्हर देने का एहसान जताना बंद करें भाजपाई : सुरेंद्र वर्मा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेता सदैव छत्तीसगढ़ को छलने और ठगने का काम करते हैं। जिस बात के लिए भारतीय जनता पार्टी को नेताओं को छत्तीसगढ़ की जनता को माफी मांगनी चाहिए उसे उपलब्धि बताकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। सच यही है कि विगत साढ़े 9 वर्षों से केंद्र की मोदी सरकार ने हर मामले में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा ही की है। रमन राज में छत्तीसगढ़ में 90 हजार एकड़ से अधिक भूमि किसानों और आदिवासियों से छीनकर पूंजीपतियों को दिये, औषधि खेती, रतनजोत और उद्योग लगाने का झूठा सपना दिखाकर केवल जमीन छीने। रमन मोदी की जुगलबंदी ने 2016-17 में बस्तर के नंदराज पर्वत को अडानी को सौंपा, अब एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट बेच रहे। केंद्र सरकार के दीपम की साइट पर विनिवेशीकरण के सेल की सूची से आज भी नगरनार संयंत्र सूचीबद्ध है लेकिन प्रधानमंत्री यहां आकर गलत बयानी करते हैं। हसदेव अरण्य के नो गो एरिया को संकुचित करके अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने कमर्शियल माइनिंग की अनुमति मोदी सरकार ने ही दिया है। 27 जुलाई 2022 को भूपेश बघेल सरकार ने परसा कोल ब्लॉक सहित 5 कोल ब्लाकों का आवंटन निरस्त करने विधानसभा का प्रस्ताव केंद्र की मोदी सरकार को भेजा है, लेकिन आबंटन रद्द करने का अंतिम आदेश मोदी सरकार ने आज तक जारी नहीं किया है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ उत्पादक राज्य है, स्टील और सीमेंट के अग्रणी उत्पादक के साथ तमाम तरह के खनिज भरपूर मात्रा में है, जिसका दोहन केंद्र की मोदी सरकार करती है। आयरनओर, लोह अयस्क, बॉक्साइट और टीन के खनन में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रहण में भी छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका है। केंद्र की मोदी सरकार ने सेंट्रल जीएसटी, आयकर, पेट्रोलियम पदार्थों पर सेंट्रल एक्साइज, कोल खनन, आयरनओर, बॉक्साइट, टीन के खनन और रेल्वे माल भाड़े सहित विभिन्न मदों में पिछले 5 सालों में 461908.66 करोड़ रुपए वसूले हैं वसूले हैं वही इन पांच सालों में छत्तीसगढ़ को केवल 192190 करोड़ 76 लाख रुपए ही मिले हैं, अर्थात् वसूली गई राशि में से 269717.93 करोड़ कम मिले हैं। उसमें से भी विभिन्न मतों में केंद्र से छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा 55000 करोड रुपए अभी तक नहीं दिए, कोल की रायल्टी में पेनेलटी का 4140 करोड़, इसके अतिरिक्त 17200 करोड़ एनपीएस का पैसा, कर्मचारियों का अंशदान और राज्य सरकार का अंशदान भी केंद्र सरकार की एजेंसी एनएसडीएल के पास अब तक बकाया है। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता इस पर भी मौन है।

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button