
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उप मुख्यमंत्री अरूण साव और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी ली शपथ
रायपुर। छत्तीसगढ़ की लाखों उम्मीदों और सपनों का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने विज्ञान महाविद्यालय स्थित सभागृह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री आयोजन के साक्षी बने।
साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित “शपथ ग्रहण समारोह” में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सबका अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर विमानतल आगमन पर राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय, सांसद संतोष पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सरोज पाण्डेय, सांसद संतोष पाण्डेय, सीएम हिमंता बिस्व सरमा, समेत केंद्रीय नेता, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ और दिग्गज नेता उपस्थित रहे. रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड पर शपथ ग्रहण का कार्यक्रम हुआ. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम स्थल पहुंचे.
कौन हैं विष्णुदेव साय ?
विष्णुदेव साय का जन्म 21 फवरी 1964 में जशपुर जिले के बगिया गांव में एक किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई कुनकुरी स्थित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल से की है. उनका एक बेटा और दो बेटियां है. विष्णुदेव साय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच के रूप में की थी. विष्णुदेव साय कुनकुरी विधानसभा से निर्वाचित हुए हैं. वे आदिवासी समुदाय से आते हैं. विष्णुदेव साय 2020 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं. इतना ही नहीं साय की गिनती संघ के करीबी नेताओं में होती है. वह रमन सिंह के भी करीबी हैं. साल 1999 से 2014 तक वह रायगढ़ से सांसद रहे हैं. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साय को केंद्र में मंत्री बनाया गया, जिसके बाद इन्होंने संगठन पद से इस्तीफा दे दिया था.
कौन हैं विजय शर्मा
विजय शर्मा का जन्म 19 जुलाई 1973 को कवर्धा में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा कवर्धा में ही हुई. जिसके बाद उन्होंने 1998 – 2001 में (म.प्र. भोज मुक्त विश्वविद्यालय, रायपुर अध्ययन केन्द्र से एमसीए (मास्टर आफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन) किया. इससे पहले 1997 में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अध्ययन केंद्र रायपुर से उन्होंने इंगलिश लैंगुवेज में डिप्लोमा किया. वहीं 1994-1996 में उन्होंने भौतिक शास्त्र में एमएससी किया.
कौन हैं अरूण साव
अरुण साव का जन्म 25 नवंबर 1968 को हुआ. अरुण साव ने एसएनजी कॉलेज, मुंगेली और केआर लॉ कॉलेज, बिलासपुर से स्नातक किया है. 2001 में अरुण साव ने उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस की और 2004 में छत्तीसगढ़ सरकार के लिए पैनल वकील के रूप में और 2005 से 2013 तक सरकार के लिए और 2013 से 2018 तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के उप महाधिवक्ता के रूप में कार्य किया. उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में बिलासपुर से पहली बार सांसद चुनाव लड़ा और राजनीति में कदम रखा. जिसमें उन्होंने जीत हासिल की और अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. वे 17वीं लोकसभा के लिए चुने गए. वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. बता दें कि साव संघ से भी जुड़े हुए हैं.



