आज मंदिर का भ्रमण करेंगे भगवान राम, मुख्य यजमान अनिल मिश्र 10 दिन कुश पर सोएंगे

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान का आज दूसरा दिन है। अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अनुष्ठान मंगलवार से प्रारंभ हुआ। रामलला की प्रतिमा 18 जनवरी को गर्भगृह में निर्धारित आसन पर स्थापित कर दी जाएगी। पिछले 70 वर्षों से पूजित वर्तमान प्रतिमा को भी नए मंदिर के गर्भगृह में ही रखा जाएगा। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला मंदिर में विराजमान होंगे। इस दिन प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
यम नियम के मुताबिक पीएम प्राण प्रतिष्ठा से तीन दिन पहले सामान्य बिस्तर का त्याग कर देंगे। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन तक वह लकड़ी की चौकी पर कंबल बिछा कर सोएंगे। 11 दिनों के यम नियम में पीएम को हर दिन शास्त्रों के मुताबिक अलग-अलग कार्य करने होंगे। इसी नियम के तहत पीएम को अंतिम तीन दिन अन्न त्याग कर सिर्फ फलाहार पर निर्भर रहना होगा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्र 11 दिनों तक नियम-संयम का पालन करेंगे। वे दस दिनों तक सिला हुआ सूती वस्त्र नहीं पहनेंगे। स्वेटर, ऊनी शॉल, कंबल धारण कर सकेंगे। केवल फलाहार करेंगे। रात्रि आरती के बाद सात्विक भोजन, सेंधा नमक का इस्तेमाल करेंगे। जमीन पर कुश के आसन पर सोएंगे। अन्य कई कठोर नियमों का उन्हें पालन करना होगा। उन्होंने यह नियम-संयम मकर संक्रांति से शुरू भी कर दिया है।