छत्तीसगढ़

हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया गणतंत्र दिवस श्री दूधाधारी मठ में

संविधान नियम एवं कानून का संग्रह है

श्री दूधाधारी मठ के सत्संग भवन में गणतंत्र दिवस का पावन पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भारत माता एवं महात्मा गांधी के तैल चित्र पर माल्यार्पण करके विधिवत पूजा अर्चना की गई। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने ध्वजारोहण किया। भारत माता की जय, महात्मा गांधी अमर रहे, गणतंत्र दिवस अमर रहे के नारे लगाए गए। अतिथियों का स्वागत पुष्पमाला से किया गया। अपने आशीर्वचन संदेश में राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि 26 जनवरी को भारत का संविधान लागू हुआ था उसकी याद को बनाए रखने के लिए हम लोग प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस का पर्व मनाते हैं। संविधान नियम एवं कानून का संग्रह है। इससे देश का संचालन होता है। हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। संविधान ने हमें जहां ओर मौलिक अधिकार प्रदान किया है वहीं दूसरी ओर हमारे लिए मौलिक कर्तव्यों का भी निर्धारण किया है हमें इसका पालन करना चाहिए ।लोगों को प्रोफेसर तोयनिधि वैष्णव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का विधिवत संचालन निर्मल दास वैष्णव ने किया। इस अवसर पर अयोध्या से तीर्थाटन कर वापस होते हुए साधुओं का जात्था भी दूधाधारी मठ पहुंचा वे सभी गणतंत्र दिवस के इस कार्यक्रम में शामिल हुए इसमें विशेष कर कल्याण दास जी, केशव पुरी दास जी, सकराम पूरी, नागा बाबा, तपसी दास जी, अमित गिरी जी महाराज सहित अनेक संत महात्मा एवं नागा जी महाराज,रामेश्वर मिश्रा, अनिल बरोड़िया, मोहनपुरी गोस्वामी, संस्कृत पाठशाला के आचार्य जी, राम मनोहर दास जी, राम अवतार दास जी, देवराम दास जी, राम लोचन दास जी, रामप्रिय दास जी, हर्ष दुबे, नंदलाल फेकर सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

Author Desk

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