पर्यावरण जागरूकता सम्बंधित स्वरचित नाट्य “पोटली ” का हुआ मंचन,बिन ऑक्सीजन हम चंद मिनटों के मेहमान हैं, वृक्ष है तो जहाँ है!
धमतरी – स्कूल तथा कॉलेज के छात्र-छात्राओं को वनों एवं पर्यावरण से जोड़ने के उद्देश्य से अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय बेंगलुरु द्वारा सात दिवसीय (29 जनवरी से 4 फरवरी) कार्यक्रम फॉरेस्ट ऑफ लाइफ उत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन, शंकरदाह में रखा गया था जहाँ प्रतिदिन आस-पास के स्कूलों तथा कॉलेजों से करीब 350 छात्र-छात्राएँ व शिक्षकों ने हिस्सा लिया । कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संबंधित विभिन्न प्रदर्शनी, चर्चा व नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। आखिर के तीन दिनों में “पोटली” शीर्षक नाम का नाट्य मंचन हुआ । जिसे जिले के एक हजार से भी अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा पालकों ने देखा व सराहा । यह नाटक पर्यावरण असंतुलन के कई कारणों को बहुत ही मार्मिक व स्पष्टता के साथ उजागर करता है। इंसानी सभ्यता अगर अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए प्रकृति के संसाधनों का उपयोग करती तो कोई समस्या नहीं थी परंतु जब इंसानों ने अपने स्वार्थ व बढ़ती आकांक्षाओं के कारण पेड़ों की अंधाधुंध कटाई करते गए तो आज उन्हें जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ तक कि इंसान आज ऐसी स्थिति में पहुँच गया है कि हर किसी को ऑक्सीज़न मास्क पहनकर ऑक्सिजन सिलिंडर ढोना पर रहा है, इस स्थिति को नाटक बखूबी दिखाता है। वहीं एक नाटक के सबसे छोटे किरदार (प्राथमिक शाला की एक छात्रा – वैष्णवी) ने अपनी जिद पर अपने दादाजी आकाश गिरी गोस्वामी तथा अन्य लोगों को पेड़ लगाने हेतु प्रेरित कर एक हरा-भरा प्रदूषण रहित समाज बनाने की ओर संदेश देता है। नाटक में पीपल की भूमिका में गौतम साहू, पेड़ की भूमिका में देवेंद्र आंकरे. ऑक्सीजन सौदागर की भूमिका में सोहनलाल साहू रुपेश देवांगन सुरेश तेजेंद्र सिंहा नाटक के अंत में पेड़-पौधे बनने वाले बीजों की एक-एक पोटली आए हुए प्रतिभागियों को दिया गया और दर्शक के रूप में उपस्थित शिक्षकों को ग्रीन स्कूल जैसे आइडिया पर कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। इस नाटक की परिकल्पना फ़ाउंडेशन के सदस्य नरेंद्र व सुहैल तथा शाश्वत उत्सर्ग यूथ थिएटर ग्रुप से जुड़े गौतम साहू ने किया । संवाद लेखन व निर्देशन गौतम साहू ने स्वयं किया। संगीत संयोजन व संचालन आशीष साहू ने किया शाश्वत उत्सर्ग यूथ थिएटर ग्रुप के संरक्षक आकाश गिरि गोस्वामी सहित शहर के कई शिक्षक – सोहन लाल साहू, वैभव रणसिंह, देवेन्द्र अंकारे, सुयश तिवारी तथा कई छात्र-छात्राएँ जैसे वैष्णवी साहू, आशीष साहू, रूपेश देवांगन, तेजेन्द्र सिन्हा, धनलक्ष्मी सुलोदिया, विराज शाह, गुलशन ध्रुव ने नाटक में अपना महत्त्वपूर्ण किरदार की भूमिका प्ले किया । फ़ाउंडेशन सदस्य सुनील साह ने नाट्य ग्रुप के बीच समनव्य व टेक्निकल सपोर्ट की भूमिका में रहे वहीं मंच संचालन नरेंद्र व सुनील दोनों ने मिलकर की। अजीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन, धमतरी के जिला प्रमुख गुलशन यादव ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।
