छत्तीसगढ़

पर्यटन के नये विकल्प तलाशने कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने गंगरेल डेम का किया निरीक्षण

कलेक्टर की पहल पर कोरोना काल से बंद पड़े एडवेंचर कैम्प में संचालित होंगे विभिन्न गतिविधिया

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों की ली बैठक, बनायी रणनीति

धमतरी -रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल बांध में पर्यटन के नये विकल्प तलाशने और बांध क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने आज गंगरेल स्थित एडवेंचर कैंम्प, बरदिहा लेक व्यू, अंगारमोती माता मंदिर, गार्डन और बांध स्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने एडवेंचर पार्क में मूलभूत सुविधायें, रंग-रोगन, झूलों, गार्डन की साफ-सफाई, पेयजल आदि को व्यवस्थित कर ग्राम समिति के जरिये संचालित कराने के निर्देश दिये। इस दौरान कलेक्टर ने पार्क में लगे औषधी पौधों का मुआयना किया और उनके गुणों एवं उपयोगिता की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री रोमा श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर श्री जी.आर.मरकाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डॉ.विभोर अग्रवाल, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन श्री शास्वत के अलावा वन, राजस्व और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

रेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक लेकर बनायी रणनीति

कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने गंगरेल बांध स्थित रेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक लेकर गंगरेल बांध को पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक सुन्दर, सुविधाजनक व रोमांचित बनाने हेतु रणनीति बनायी। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनायें हैं, इसे सभी मिलकर लक्ष्य को पूरा करेंगे, ताकि यहां प्रदेश के दूर-दराज से आने वाले पर्यटक अपनी अच्छी यादें लेकर यहां से जायें। बैठक में कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग की भूमि पर हुये निर्माण कार्यों की मैपिंग कराने तथा नये निर्माण कार्यों पर रोक लगाने कहा। इसके लिये अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये।
उन्होंने बांध स्थल मूलभूत सुविधायें जैसे पेयजल, शौचालय, पार्किंग, सोलर लाईट, बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिये व्हील चेयर सहित अन्य सुविधायें रखने के निर्देश दिये। इसके अलावा प्रोफेशनल गाईड की व्यवस्था कर उसे प्रशिक्षित करने पर जोर दिया, ताकि पर्यटकों को यहां की सारी जानकारी उपलब्ध हो सके। जल संसाधन, वन एवं राजस्व विभाग को बांध क्षेत्र से प्राप्त होने वाली आय एवं व्यय की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय लोगों के आजीविका में वृद्धि होगी।

प्लास्टिक मुक्त जोन बनेगा गंगरेल बांध

कलेक्टर ने आज गंगरेल बांध के निरीक्षण के दौरान बांध क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये स्थानीय स्तर पर बैठक आहूत कर प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिये गंगरेल ग्राम समिति, अंगारमोती माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि से चर्चा की और क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिये बैरियर लगाकर जांच करने और उपयोग करने वालों पर जुर्माना लगाने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने बैरियर लगाने के लिये स्थान का चयन कर इसे शुरू कराने कहा। इसके साथ ही कलेक्टर ने मंदिर, होटल, कैंटिन इत्यादि स्थलों में साईन बोर्ड लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने पार्किंग, बैरियर, नो प्लास्टिक जोन सहित अन्य कार्य 15 दिन में शुरू करने के सख्त निर्देश दिये। 
          इसके अलावा कलेक्टर ने पार्किंग, कैंटिन आदि को अपने आय-व्यय का ब्यौरा प्रतिमाह उपलब्ध कराने और यूपीआई पेमेंट सिस्टम लागू करने कहा।    साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदाय करने और पर्यटकों की सुविधा के लिये कलेक्टर ने बांध के दूसरे छोर तक जाने हेतु ई-रिक्शा सुविधा प्रारंभ करने कहा। जल संसाधन और राजस्व विभाग से कलेक्टर ने वर्तमान में किये जा रहे कार्यों और आय-व्यय की जानकारी ली। बांध स्थल में बने रिसोर्ट की मैपिंग कर रिसोर्ट मालिकों से चर्चा की और अपने रिसोर्ट और रिसोर्ट के आसपास आधा किलोमीटर के दायरे को प्लास्टिक मुक्त बनाने तथा साफ-सफाई रखने के निर्देश दिये। उन्होंने इस काम में एनआरएलएम की ग्रीन आर्मी को भी शामिल करने कहा। इसके अलावा चिल्ड्रन गार्डन को म्यूजियम के तौर पर विकसित करने कहा, जहां खाने-पीने की सस्ती उपलब्ध हो सके।
Author Desk

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