पितृ दोष शांति पुजा 10 मार्च रविवार को,विप्र विद्वत परिषद धमतरी के तत्वावधान में
धमतरी – विप्र विद्वत परिषद धमतरी के तत्वावधान में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी पितृ दोष शांति पुजन का कार्यक्रम फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 10 मार्च को रूद्रेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण महानदी के किनारे रूद्री धमतरी में आयोजित किया गया है।जिसका पंजीयन शुल्क 31 सौ रुपए रखा गया है जिस यजमान के कुंडली में पितृ दोष है वह श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर मठ मंदिर चौंक धमतरी के पुजारी के पास पंजीयन एवं अधिक जानकारी के सम्पर्क कर सकते हैं।
विदित हो कि शनि राहु गुरू का एक युक्ति हो धनु या मीन में पंचम स्थान में हो तों पितृ दोष बनता है। लग्न स्थान में शनि पंचम राहु अष्टम में रवि व्यय स्थान में मंगल हो तो पितृदोष बनता है ।लग्न स्थान एंव सप्तम स्थान में राहु केतु होने से पितृदोष पितृशाप एवं पिशाच बाधा बनता है। जन्म कुंडली के बिना भी पितृ दोष का मुख्य लक्षण परिवार में पिता पुत्र का हमेशा लड़ाई झगड़ा होना अनबन होना बात नहीं मानना,किसी व्यक्ति का विवाह लग्न में विलंब होना या विवाह टुट जाना,वंश मे वृद्धि न होना संतान उत्पत्ति में बांधा होना या संतान उत्पत्ति होने पर संतान का विकलांग होना, परिवार में बीमारी में अधिक पैसा खर्च होना,परिवार में बार बार शोक होना, निद्रा होने पर बुरे सपना आना,जैसे हिंसक जानवर सर्प, भुकंप,अग्नि का वर्षा होना,घर परिवार में लड़ाई झगड़ा होना ये सब पितृ दोष का मुख्य लक्षण है।जिस किसी यजमान को ऐसा दोष है वह यजमान शीघ्र पंजीयन करा सकतें हैं। विप्र विद्वत परिषद धमतरी के द्वारा यह जनकल्याणकारी कार्यक्रम किया जा रहा है उपरोक्त जानकारी परिषद के मिडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने दी।