छत्तीसगढ़

जिला प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह, वर-वधु पक्ष को दी समझाइश

जिला प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह, वर-वधु पक्ष को दी समझाइश

बालोद। अक्षय तृतीया के अवसर पर जिला प्रशासन की सक्रियता से आज अर्जुंदा थाना क्षेत्र में बाल विवाह को रोका गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन ने बताया कि गुण्डरदेही विकासखण्ड के एक ग्राम में बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई थी। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशन में बनाई गई संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने उक्त ग्राम में प्रकरण का परीक्षण किया, जिसमें ग्राम की वधु का जिला कबीरधाम के वर के साथ 10 मई को अक्षय तृतीया के दिन शादी होने जा रही थी। प्राप्त सूचना के आधार पर जांच में वर एवं वधु की अंकसूची में जन्म तिथि से संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने पर पाया गया कि वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण नहीं हुई है।

मामले की जांच के बाद जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने संबंधित परिवार को समझाइश देते हुए कानूनी स्थिति से अवगत कराया। इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग कबीरधाम को भी उपरोक्त प्रकरण की सूचना देते हुए उनसे भी इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। इसके बाद बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने वर के परिजनों से भी इस संबंध में चर्चा करते हुए उन्हें बाल विवाह न करने और बाल विवाह संबंधी कानूनी जानकारी दी।

बाल विवाह पर इस नंबर पर कर सकते हैं संपर्क
पूरी समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने बाल विवाह न करने की सहमति दी. वर की उम्र 21 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही यह विवाह करने पर अपनी रजामंदी व्यक्त की गई. उल्लेखनीय है कि कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम ने जिले में बाल विवाह की रोकथात सुनिश्चित करने निरंतर निगरानी कर इसकी पुख्ता उपाय की जा रही है. उन्होंने बताया कि यदि आपके क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना प्राप्त हो तो चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 एवं जिला बाल संरक्षण इकाई बालोद के दूरभाष क्रमांक 07749-223941 पर तत्काल संपर्क कर सकते हैं.

 

Author Desk

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