छत्तीसगढ़

धान खरीदी मामले में 25 लाख का भ्रष्टाचार, को-आपरेटिव बैंक की बड़ी लापरवाही सामने आई

धान खरीदी मामले में 25 लाख का भ्रष्टाचार, को आपरेटिव बैंक की बड़ी लापरवाही सामने आई

महासमुंद. जिले के जाड़ामुड़ा धान खरीदी फर्जीवाड़ा में को-आपरेटिव बैंक पिरदा का भी अहम रोल सामने आया है। फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के होल्ड (फ्रीज किए) खाते को जिला प्रशासन की बिना अनुमति के बैंक ने अनहोल्ड कर 25 लाख रुपये दूसरे व्यक्ति के खाते पैसे ट्रांसफर कर दिए।

आरोपित किसानों के होल्ड अकाउंट निलंबित बीएम शिवनाथ पटेल और यहां पदस्थ अकाउंटेंट उसत प्रधान के आइडी से अनहोल्ड किया गया था। इससे अंदाजा लगाया का सकता है कि जाडामुड़ा कांड के आरोपितों की पकड़ बैंक व प्रशासन में कितनी गहरी है, क्योंकि बैंक अधिकारी खाता अनहोल्ड करने कलेक्टर तक की सहमति लेना आवश्यक नहीं समझ रहा है। इस मामले में कलेक्टर प्रभात मलिक का पक्ष जानने अधिकतम प्रयास किया गया. मोबाइल मैसेज भेजा गया, लेकिन वे पक्ष रखने से बचते रहे।

वर्ष 2023-24 में धान खरीदी में प्रदेश का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लाक के जाड़ामुड़ा खरीदी केंद्र में उजागर हुआ है। यहां जांच में सामने आया कि फर्जी रकबे में करोड़ों की धान खरीदी फर्जी तरीके से की गई। सेवा सहकारी समिति जाड़ामुड़ा के तत्कालीन प्रबंधक उमेश भोई, दो कंप्यूटर आपरेटर मनोज प्रधान, मनीष प्रधान और 18 किसानों ने मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।

Author Desk

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