छत्तीसगढ़

नवज्योति विद्या मंदिर सांकरा में मनाई श्री कृष्ण जन्माष्टमी, मटकी फोड़ी

भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन की खुशी में मनाया जाने वाला एक बड़ा हिंदू त्योहार है – संचालक मुकेश राव नन्नावरे

धमतरी (प्रखर) नव ज्योति विद्या मंदिर सांकरा में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विद्यार्थियों के द्वारा कृष्णा राधा एवं गोपियों के वेशभूषा में नजर आए। संचालक  मुकेश राव नन्नावरे जी के द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी की जानकारी दिया गया। ऐसा कहा जाता हैं कि भगवान श्री कृष्णा का जन्म हुआ उसी रात योगमाया का यशोदा की पुत्री के रूप में जन्म हुआ  जब कंश देवकी माता का आठवे संतान को जैसे मारने लगे  वैसे ही योगमाया अष्टभुजा रूप में प्रकट हो गई जिन्हे हम यशोदा पुत्री, माँ  विंध्यवासिनी आदि नामो से जानते है एवं भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मदिन को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की विधिनुसार पूजा अर्चना के साथ-साथ उपवास रखने का विधान है। मान्यता है कि जन्मदिन पर व्रत रखने से हर मनोकामना पूर्ण होती हैं। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। इस दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप को पूजा जाता है। फिर 12 बजे के बाद मध्यरात्रि के समय कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दौरान सभी भक्तजन लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन की खुशी में मनाया जाने वाला एक बड़ा हिंदू त्योहार है। यह त्योहार भाद्रपद के महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए बहुत खास होता है। इसी दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा की जेल में हुआ था लेकिन उनका बचपन और जवानी वृंदावन में गुजारी वृंदावन में किसान अच्छी बारिश और बढ़िया फसल के लिए स्वर्ग के राजा इन्द्र को भोज चढ़ाते थे।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एवन कुमार निर्मलकर,सहायक शिक्षक श्रीमती ललिता साहू ,श्रीमती पार्वती साहू,श्रीमती दिनेश्वरी पटेल, कु.रीना साहू,कु. खिलेश्वरी साहू,श्रीमती दामिनी साहू,कु.एकता साहू,कु.भगवती चतुर, कु.सानू नाग,कु.शशिकला पटेल ,एवं कु.सरिता कश्यप उपस्थित थे।

Author Desk

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