जैन समाज के क्षमापर्व के साथ ऋषि पंचमी व सिंधी समाज के चालिहा महोत्सव पर पार्षद मोटवानी ने सभी की मंगलकामना करते हुए कहा है मिच्छामि दुक्कडम
आपसी कटुता एवं मनभेद को खत्म कर परस्पर सौहार्द्र एवं भाईचारा के भाव का प्रादुर्भाव करता है हमारे सामाजिक व धार्मिक संदेश -: विजय मोटवानी
क्षमापर्व,चलिहा महोत्सव, ऋषि पंचमी है हमारी आध्यात्मिक एवं धार्मिक धरोहर-:विजय मोटवानी

धमतरी (प्रखर) चार्तुमास के पावन अवसर पर जैन समाज द्वारा वर्षभर जाने अनजाने में हुई भूल के लिए समस्त मानव समाज सहित सृष्टि से क्षमा मांग कर अपने जीवन को धन्य करने का धार्मिक विधान करती है जो वर्तमान भागम भाग जीवन में सभी लोगों के दैनिक दिनचर्या में भी लागू होता है इसी का अनुसरण करते हुए आमापारा वार्ड के पार्षद एवं भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय मोटवानी द्वारा समस्त नगर वासी सहित क्षेत्र के सभी लोगों के जीवन में मंगल कामना की प्रार्थना करते हुए जाने अनजाने में मन वचन कर्म से की गई भूल के लिए सभी से मिच्छामी दुगडम कहते हुए सभी सभी से विनम्रता पूर्वक आग्रह किए हैं कि शहर गौरवशाली आपसी प्रेम , भाईचारा को आगे बढ़ाने में हमारे पर्व हमें ज्ञानप्रद संदेश देते हैं वहीं उन्होंने सिंधी समाज के आराध्य पर्व जिसके अंतर्गत 40 दिनों तक भगवान वरुण के अवतार झूलेलाल जी के पूजा अर्चना आराधना के पश्चात अखंड ज्योत के साथ ही चालिहा महोत्सव जो की कोष्टापारा स्थित भगवान झूलेलाल के मंदिर में पूरी आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है इसी के आज समापन एवं भारत की सांस्कृतिक धरोहर ऋषि परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले ऋषि पंचमी पर भी सिंधी समाज सहित ऋषि परंपरा के अनुयायियों एवं समस्त मानव समुदाय को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा है कि हम सब मिलकर समाज की शांति सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हुए एक दूसरे का सहयोग करें यही धार्मिक आयोजन का हम सबको संस्कार देता है।




