छत्तीसगढ़

सावन के सौंदर्य में शिवभक्ति की दिव्यता – अर्द्धनारीश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उमड़ा जनसैलाब

महापौर रामू रोहरा बने मुख्य अतिथि, बोले शिव ही संपूर्णता के प्रतीक हैं

धमतरी(प्रखर) सदर उत्तर वार्ड श्रावण मास के पुण्य अवसर पर सदर उत्तर वार्ड में धर्म, श्रद्धा और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां अर्द्धनारीश्वर शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन विधिवत वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न हुआ। आयोजन स्थल श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण “हर हर महादेव” के दिव्य जयघोषों से गूंजता रहा।

विशेष आकर्षण के रूप में धमतरी नगर निगम के लोकप्रिय महापौर श्री रामू रोहरा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक पूजा-अर्चना कर नगर की खुशहाली, सौहार्द और सुख-समृद्धि की कामना की। उनके साथ मंच पर अनेक गणमान्य अतिथि व धर्मप्रेमी जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

आयोजन का आध्यात्मिक महत्व

अर्द्धनारीश्वर शिवलिंग नारी और पुरुष तत्व की एकता का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि सृष्टि की रचना संतुलन में ही है। इस दिव्य स्थापना के माध्यम से नगर में अध्यात्म, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश प्रसारित हुआ। पवित्रता और परंपरा से ओतप्रोत इस आयोजन ने हर वर्ग के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

उपस्थित गणमान्य नागरिक

इस भव्य समारोह में भाग लेकर आयोजन को गौरवशाली बनाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में निलेश लुनिया, अखिलेश सोनकर, अज्जू देशलहरे, शिव महाराज, संतोष सोनकर, अविनाश दुबे, गौरव मगर, शुभम जायसवाल, पिंटू डागा, आकाश भोजवानी, बाली सोनी और गीत लहरे विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। सभी ने तन, मन, धन से आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

महापौर रामू रोहरा का संदेश

श्री रामू रोहरा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा:
“अर्द्धनारीश्वर रूप भगवान शिव हमें यह सिखाते हैं कि पुरुष और स्त्री तत्व एक-दूसरे के पूरक हैं। सावन मास भक्ति, साधना और सेवा का महीना है, और ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, संयम व अध्यात्म का संचार करते हैं।”
उन्होंने आयोजन समिति को इस प्रेरणादायक पहल के लिए बधाई दी और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

प्रसाद व भंडारे का आयोजन

पूजन के उपरांत विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई थी, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भक्ति और सेवा का अनुभव प्राप्त किया। आयोजन स्थल की स्वच्छता, अनुशासन और समर्पणभाव स्वयं में एक मिसाल बने।

Author Desk

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