संस्कार पूर्ण शिक्षा, सामाजिक धार्मिक के साथ लौकिक शिक्षा, राष्ट्र और समाज के लिए उन्नति कारक है : विधानाचार्य ब्र. जिनेश शास्त्री

रायपुर। श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान के पांचवे दिन सुबह श्री जी का अभिषेक शांतिधारा कर विधान प्रारम्भ किया गया। ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष संजय जैन नायक एवं सचिव राजेश रज्जन जैन ने बताया की श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान अष्टानिका महापर्व के पवन अवसर पर महेंद्र कुमार जैन, सनत कुमार, अनिल कुमार, मनोज, रोमिल, मनीष, सौम्य, अंकित, अंकुज जैन चूड़ी वाले परिवार द्वारा करवाया जा रहा है, जिसमें समस्त जैन समाज के धर्म प्रेमी बंधु धर्म लाभ ले रहे हैं। साथ ही राजधानी रायपुर के समस्त दिगम्बर जैन मंदिर का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

विधानाचार्य ब्र. जिनेश शास्त्री ने अपने उदबोधन मे कहा की संस्कार पूर्ण शिक्षा सामाजिक धार्मिक के साथ लौकिक शिक्षा राष्ट्र और समाज के लिए उन्नति कारक है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली में से सामाजिक कर्तव्यों को ज़ब सें अलग किया गया है तब से परिवारों मे विघटन समाज और राष्ट्र मे कर्तव्य हीनता बढ़ती ही जा रही है जो सब के लिए अहितकारी है। आजकल दिखावटी प्रभावना ताम झाम प्रदर्शन दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं जिससे आंतरिक शांति और सुरक्षा घटती जा रही है। अतएव अर्थोपार्जन/धनोपार्जन विधा बाहरी सुख तो प्रदान करती है परन्तु समाज राष्ट्र के लिए हितकारी नहीं है। जिसके कारण राजनैतिक हस्तक्षेप धर्म और समाज दोनों मे बढ़ता जा रहा है। इसलिए शासन प्रशासन और समाज का कर्तव्य है की सार्वभौमिक शिक्षा पद्धति के माध्यम सें बच्चों एवं युवाओं मे संस्कारो का बीजारोपण हेतु सामूहिक प्रयास आवश्यक है।