छत्तीसगढ़

एटीएस ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया के लिए काम करने वाले दो नाबालिगों को पकड़ा

एटीएस ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया के लिए काम करने वाले दो नाबालिगों को पकड़ा

रायपुर। एटीएस ने आईएसआईएस के लिए काम करने वाले दो नाबालिगों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लिया है। राजधानी रायपुर के टिकरापारा से एक और भिलाई से दूसरे को पकड़ा गया है। बताया जा रह है कि देश विरोधी गतिविधियों के पुख्ता सबूत मिले हैं। दोनों नाबालिग पाकिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट के मॉड्यूल के इशारे पर काम कर रहे थे और सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से देशविरोधी गतिविधियां चला रहे थे।

युवाओं को बरगलाने इंस्ट्राग्राम का उपयोग
बता दें कि पाकिस्तान स्थित आईएसआईएस मॉड्यूल भारत को अस्थिर करने और साइबरस्पेस के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान वाले सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा था। पाकिस्तानी हैंडलर कथित तौर पर भारतीय युवाओं और किशोरों को निशाना बनाने, उन्हें कट्टरपंथी बनाने, भारत विरोधी गतिविधियों को भडक़ाने और हिंसक उग्रवाद और जिहादी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल कर रहे थे। इन हैंडलर्स ने नाबालिगों को अपने इंस्टाग्राम ग्रुप चैट में जोड़ा, जहां उन्हें व्यवस्थित रूप से कट्टरपंथी बनाया गया। फिर किशोरों को आईएसआईएस का दुष्प्रचार और हिंसक सामग्री ऑनलाइन प्रसारित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे साक्ष्य भी सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि नाबालिगों को छत्तीसगढ़ में आईएसआईएस मॉड्यूल स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। एटीएस और संबंधित एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही साइबर निगरानी के चलते, आईएसआईएस से प्रभावित दो नाबालिगों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है : विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य में यह इस तरह का पहला मामला है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या ऐसे और भी लोग हैं। उन्होंने कहा कि गहन जांच के बाद एटीएस ने उन दोनों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ये दोनों पाकिस्तान स्थित आईएसआईएस मॉड्यूल के निर्देशों पर काम कर रहे थे और सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी के जरिए सक्रिय थे। विजय शर्मा ने आगे कहा, वे चरमपंथी सामग्री से स्वयं प्रभावित थे और इंस्टाग्राम पर दूसरों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। इनके पास पर्याप्त जानकारी थी और वे आईएसआईएस के नाम पर इंटरनेट व सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग कर रहे थे। शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की सूचना तुरंत पुलिस को दें जो देशविरोधी सामग्री फैला रहा हो। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी एटीएस टीम को और विस्तार देने का अनुरोध करेंगे।

Author Desk

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