आदिवासी समाज के दो राजनीतिक दिग्गजों का ऐतिहासिक मिलन, संवैधानिक विषयों पर हुई गंभीर एवं दूरगामी चर्चा

जगदलपुर/बस्तर (प्रखर)देश के आदिवासी समाज के दो वरिष्ठ एवं अनुभवी राजनीतिक नेताओं का मिलन सोमवार को जगदलपुर में देखने को मिला। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम से पूर्व केंद्रीय मंत्री, आठ बार के सांसद तथा वर्तमान में मंडला लोकसभा से सांसद और अनुसूचित जनजाति संसदीय समिति, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने उनके निवास स्थान पर सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात न केवल शिष्टाचार तक सीमित रही, बल्कि इसमें देश और प्रदेश से जुड़े विभिन्न संवैधानिक, सामाजिक एवं आदिवासी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर और सार्थक विचार-विमर्श किया गया।
मुलाकात के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने संविधान में आदिवासी समाज को प्रदत्त अधिकारों, उनके संरक्षण, पांचवीं एवं छठवीं अनुसूची, वनाधिकार कानून, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आदिवासी अंचलों के समग्र विकास जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। साथ ही वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, पारिवारिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर भी आपसी संवाद हुआ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संविधान की आत्मा के अनुरूप आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। वहीं श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि संसद एवं विभिन्न संसदीय समितियों के माध्यम से आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जा रहा है और आगे भी उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
देश में आदिवासी राजनीति के दो मजबूत स्तंभों का यह मिलन अत्यंत सुखद, प्रेरणादायक और ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति समाज के संगठनात्मक प्रतिनिधियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
इस गरिमामय अवसर पर अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष आर.एन. ध्रुव, प्रांतीय संयुक्त सचिव एस.पी. ध्रुव, जिला अध्यक्ष बिलासपुर आर.सी. ध्रुव, जिला अध्यक्ष बस्तर डी.एस. नेताम, आलोक वर्मा तथा सामाजिक प्रमुख डी.डी. मांझी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी उपस्थितजनों ने इस भेंट को आदिवासी समाज के भविष्य के लिए दिशादर्शक एवं सकारात्मक पहल बताया और दोनों वरिष्ठ नेताओं के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सक्रिय राजनीतिक योगदान की कामना की।



