छत्तीसगढ़

बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ज्ञान अमृत स्कूल, धमतरी में विद्याआरम्भ संस्कार, हवन-पूजन एवं सरस्वती पूजन का भव्य आयोजन


धमतरी(प्रखर) बसंत पंचमी के शुभ और पावन अवसर पर ज्ञान अमृत स्कूल, धमतरी में शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने हेतु विद्याआरम्भ संस्कार, हवन-पूजन एवं विद्या की देवी माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना का भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन द्वारा किया गया। हवन में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, ज्ञान-वृद्धि, बुद्धि-प्रखरता एवं राष्ट्र के कल्याण की कामना की गई। इसके पश्चात माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजन-अर्चन किया गया, जिसमें शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से सहभागिता निभाई इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने पूरे श्रद्धाभाव एवं अनुशासन के साथ पूजा में भाग लेकर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया। विद्यालय परिसर में “जय माँ सरस्वती” के उद्घोष और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य विनोद पांडेय ने बसंत पंचमी के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माँ सरस्वती की आराधना से अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का संचार होता है प्राचार्य श्री पांडेय ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि विद्यार्थी ही राष्ट्र का भविष्य होते हैं। अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में ज्ञान को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के लिए योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी विद्यार्थियों को प्रसाद वितरण किया गया। प्रसाद प्राप्त करते समय विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और आनंद देखने को मिला। इस आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

Author Desk

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